25 साल पुराने सोन जल विवाद का समाधान, बिहार-झारखंड के बीच ऐतिहासिक समझौताBy Mid Time Bureau Mon, 31 August 2026 07:27 PM

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में रविवार को नई दिल्ली में बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते को पूर्वी भारत के करीब 25 वर्षों से लंबित जल विवाद के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल, दोनों राज्यों के उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह सचिव तथा केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अमित शाह ने कहा कि समझौते से बिहार और झारखंड के बड़े ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा, वहीं बड़ी आबादी की पेयजल जरूरतें भी पूरी करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘टीम भारत’ की परिकल्पना और सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

शाह ने कहा कि राज्यों के बीच संवाद और सहयोग की भावना से काम किया जाए तो वर्षों पुरानी समस्याओं का भी समाधान संभव है। समझौते से बिहार के भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, गया और पटना सहित कई क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं झारखंड के पलामू, गढ़वा और आसपास के क्षेत्रों में भी सिंचाई एवं पेयजल की उपलब्धता बेहतर होगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के प्रति आभार जताया।

गृह मंत्रालय के अनुसार, अंतर्राज्यीय परिषद के माध्यम से इस वर्ष राज्यों के बीच जल और जल-संबंधी मुद्दों पर कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। 16 जून को किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच सहमति बनी थी। 29 जून को राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना को लेकर समझौता हुआ, जबकि 7 जुलाई को नर्मदा परियोजना से जुड़े भुगतान विवादों के समाधान के लिए मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच समझौता किया गया।