
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। उन्हें एक गुमनाम चिट्ठी भेजी गई, जिसमें सीधे तौर पर लिखा था- ‘आतंकियों द्वारा जल्द ही मारे जाओगे।’
मामला सामने आने के बाद चिराग पासवान के कार्यालय ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय से तत्काल जांच की मांग की है। बताया गया है कि मंगलवार को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को यह बिना हस्ताक्षर वाली चिट्ठी मिली थी। इसमें धमकी के साथ दो मोबाइल नंबर भी लिखे हुए थे।
चिराग पासवान को फिलहाल Z श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। इसके बावजूद धमकी मिलने के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाने की मांग की गई है। चिराग पासवान के अतिरिक्त निजी सचिव ने गृह सचिव को पत्र भेजकर धमकी की उत्पत्ति, उसकी सत्यता और इसके पीछे की परिस्थितियों की जांच जल्द शुरू करने का अनुरोध किया है।
मामले की जानकारी सीआरपीएफ और बिहार सरकार को भी दी गई है। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह धमकी किसने भेजी और क्या इसके पीछे कोई वास्तविक खतरा है?
खास बात यह है कि चिराग पासवान को यह धमकी ऐसे समय मिली है, जब बिहार में एनडीए के भीतर आरक्षण के मुद्दे पर उनके और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बीच बयानबाजी तेज है। हालांकि, धमकी का इस राजनीतिक विवाद से कोई संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही साफ होगा।