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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देशभर में युवाओं और स्थानीय समुदायों की ओर से चलाए जा रहे स्वच्छता अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि सामूहिक भागीदारी से स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छता संदेश को आगे बढ़ाना उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है।
2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती से पहले प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपिता के स्वच्छता संबंधी विचारों को याद किया और लोगों से अपने आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
पीएम मोदी ने कहा कि गांधीजी ने जीवन के लिए कई महत्वपूर्ण संदेश दिए, जिनमें स्वच्छता भी प्रमुख थी। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग स्वच्छता को लेकर लगातार पहल कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर सामने आने वाली तस्वीरें, वीडियो और रील्स भी इन प्रयासों को लोगों तक पहुंचा रही हैं।
उन्होंने कहा, “एक बात साफ दिखाई देती है कि किसी एक व्यक्ति ने शुरुआत की और फिर लोग उससे जुड़ते चले गए। इसे ही जनभागीदारी कहते हैं। स्वच्छता भी बापू को दी जाने वाली सबसे सुंदर श्रद्धांजलि है।”
प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं द्वारा शुरू किए गए स्वच्छता अभियानों के कई उदाहरण साझा किए। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में कुछ युवा नदी की सफाई में जुटे हैं और उनके प्रयास में पूरा समुदाय भाग ले रहा है।
आंध्र प्रदेश में युवाओं द्वारा पुराने बावड़ियों और कुओं की सफाई किए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से पारंपरिक जलस्रोतों के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में भी मदद मिल रही है।
मुंबई में समुद्र तटों की सफाई के लिए युवाओं की पहल का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हर सप्ताह सैकड़ों युवा अलग-अलग समुद्र तटों पर एकत्र होकर स्वच्छता अभियान में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने दिल्ली में बच्चों और युवाओं की ओर से लोगों को कचरा अलग-अलग रखने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किए जाने की भी जानकारी दी। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस तरह की पहल लोगों में कचरा प्रबंधन को लेकर जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में मदद करती है।
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने बताया कि वहां युवा छात्र स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पिकनिक स्थलों और बाजारों में सफाई अभियान चला रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित रहने के बजाय नागरिकों की रोजमर्रा की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी बने, तभी इसके स्थायी परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने युवाओं और समुदायों की ऐसी पहलों को देशभर में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।