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पंजाब में विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता विकास प्रभाकर की 2024 में हुई हत्या के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक फरार आरोपी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से निर्वासित किए जाने के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी हरविंदर कुमार उर्फ सोनू को भारत पहुंचते ही दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हिरासत में लिया गया।
NIA के मुताबिक, हरविंदर कुमार पर हत्या की साजिश में शामिल आरोपियों को लॉजिस्टिक सहायता और धन मुहैया कराने का आरोप है। UAE से निर्वासन के बाद गुरुवार को भारत पहुंचने पर NIA ने उसे गिरफ्तार किया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विशेष NIA अदालत में पेश किया।
विकास प्रभाकर की 13 अप्रैल 2024 को पंजाब के नंगल में एक कन्फेक्शनरी की दुकान पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। NIA के अनुसार, इस हत्या को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के सदस्यों ने अंजाम दिया था। एजेंसी का आरोप है कि हत्या का मकसद सांप्रदायिक तनाव पैदा करना था और इसकी साजिश पाकिस्तान स्थित BKI प्रमुख वधावा सिंह उर्फ बब्बर के निर्देश पर रची गई थी।
NIA के अनुसार, हरविंदर कुमार लंबे समय से UAE में रह रहा था और मामले में फरार चल रहा था। एजेंसी का दावा है कि उसने विदेश में मौजूद BKI के आरोपियों के लिए भर्ती कराने और संपर्क बनाए रखने के अलावा हथियारों की व्यवस्था और उनकी डिलीवरी में मदद की। उस पर कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों से जुड़े धन को प्राप्त करने और उसे आगे पहुंचाने का भी आरोप है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, विकास प्रभाकर की हत्या की साजिश जर्मनी में मौजूद BKI के कथित सदस्यों हरजीत सिंह उर्फ लड्डी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू ने रची थी। NIA ने हरविंदर कुमार को अपनी चार्जशीट में आरोपी नंबर 7 के रूप में नामित किया है।
इस मामले में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है जिसमें UAE से जुड़े आरोपी को भारत लाया गया है। इससे पहले 13 अगस्त 2026 को UAE से जुड़े आरोपी मनवीर राम को अमृतसर एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था। NIA के अनुसार, मनवीर राम पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों की आपूर्ति में कथित भूमिका निभाने का आरोप है।
NIA ने इस मामले में 9 मई 2024 को RC-06/2024/NIA/DLI के तहत केस दर्ज किया था। एजेंसी अब तक मामले में तीन चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब पुलिस से जुड़े मूल मामले को NIA को सौंपा था, जिसमें 13 अप्रैल 2024 को नंगल में विकास प्रभाकर की हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
NIA की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, UAE से हरविंदर कुमार का निर्वासन भारत की ओर से किए गए राजनयिक प्रयासों के बाद संभव हुआ। एजेंसी ने कहा कि विदेश में फरार आरोपियों को भारत वापस लाकर उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाना आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हालांकि, मामले में हरविंदर कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अदालत में इनका परीक्षण होना बाकी है। गिरफ्तारी और आरोप अपने आप में दोषसिद्धि नहीं माने जाते।