भारत-स्विट्जरलैंड ने व्यापार, बुनियादी ढांचे और नवाचार सहयोग बढ़ाने पर किया जोरBy IANS Mon, 05 October 2026 04:34 PM

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भारत और स्विट्जरलैंड ने सोमवार को व्यापार, सतत बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी, नवाचार और उद्यमिता समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने यहां हैदराबाद हाउस में मुलाकात कर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की।

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दोनों देशों ने ‘यंग प्रोफेशनल्स स्कीम’ (YPS) के तहत भी समझौता किया है। इसका उद्देश्य युवाओं को दूसरे देश में सीमित अवधि के लिए रोजगार का अवसर देकर अपने पेशेवर और भाषा कौशल को विकसित करने में मदद करना है।

समझौते के तहत दोनों देश हर साल 300-300 युवा पेशेवरों का आदान-प्रदान कर सकेंगे। जरूरत के अनुसार यह संख्या बढ़ाकर 500 तक की जा सकती है। समझौते में राष्ट्रीयता और निवास की स्थिति के सत्यापन के लिए 30 से 90 दिनों की समयसीमा समेत अन्य प्रावधान शामिल हैं।

परिवहन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए हुए समझौते का उद्देश्य सतत बुनियादी ढांचे और परिवहन एवं मोबिलिटी प्रणालियों के विकास में दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करना है। इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों, रोपवे, सर्कुलर इकोनॉमी, सुरंगों और परिवहन क्षेत्र से जुड़ी अन्य तकनीकों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया जाएगा।

इसके अलावा, भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और स्विस नेशनल साइंस फाउंडेशन (SNSF) के बीच एक ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (LoI) पर भी सहमति बनी। इसका उद्देश्य दोनों देशों के शोध समुदायों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके तहत नए वैज्ञानिक सहयोग, भविष्य की संयुक्त शोध परियोजनाओं के लिए साझेदारी और साझा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में दीर्घकालिक पहलों के लिए व्यापक ढांचा तैयार करने की योजना है।

दोनों देशों ने नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक ‘इंप्लीमेंटेशन अरेंजमेंट’ (IA) पर भी सहमति जताई। इसके तहत शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के लिए Indo-Swiss Academia-Industry Training (AIT India) कार्यक्रम लागू किया जाएगा। इसमें द्विपक्षीय आदान-प्रदान, संयुक्त कार्यशालाएं, क्षमता निर्माण और नेटवर्किंग गतिविधियां शामिल होंगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में जल्द नए संयुक्त शोध प्रोजेक्ट शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत के विज्ञान आधारित स्टार्टअप्स की क्षमता बढ़ाने के लिए ज्यूरिख विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौते का भी स्वागत है।

भारत 7 अक्टूबर को भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के कारोबारी नेताओं के साथ ‘Prosperity Summit’ आयोजित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश साझेदारी की संभावनाओं को ठोस परिणामों में बदलने के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

भारत और स्विट्जरलैंड के बीच हुए ये समझौते द्विपक्षीय संबंधों को पारंपरिक व्यापार से आगे बढ़ाते हुए कौशल, अनुसंधान, परिवहन प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप सहयोग जैसे क्षेत्रों में विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।