भारतीय वायु सेना को मिला नया चीफ! Air Marshal Ashutosh Dixit संभालेंगे जिम्मेदारीBy Mid Time Bureau Wed, 07 October 2026 11:49 AM

भारतीय वायु सेना को अब नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को देश का अगला वायु सेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह भारतीय वायु सेना के 29वें चीफ ऑफ द एयर स्टाफ होंगे।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एयर मार्शल दीक्षित 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर से वायु सेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह मौजूदा एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की जगह लेंगे, जो इसी दिन अपने पद से रिटायर हो रहे हैं।

फिलहाल आशुतोष दीक्षित वायु सेना के वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के पद पर तैनात हैं। करीब चार दशक के अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने अलग-अलग तरह के लड़ाकू और परिवहन विमानों को उड़ाया है। इनमें मिराज-2000, मिग सीरीज, जगुआर, तेजस, हॉक, IL-78, AN-32 और किरण जैसे विमान शामिल हैं।

एयर मार्शल दीक्षित सिर्फ अनुभवी पायलट ही नहीं, बल्कि एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं। उनके नाम 3500 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव है।

उनका करियर कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों और अंतरराष्ट्रीय युद्धाभ्यासों से भी जुड़ा रहा है। ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक, कोप इंडिया और ऑपरेशन सिंदूर जैसी गतिविधियों में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है।

आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायु सेना में स्वदेशी तकनीक और LCA तेजस जैसे प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है। ऐसे में उनके नेतृत्व में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी रक्षा तकनीक पर वायु सेना का फोकस और मजबूत होने की उम्मीद है।

6 दिसंबर 1986 को फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए एयर मार्शल दीक्षित ने नेशनल डिफेंस एकेडमी, डिफेंस स्टाफ सर्विस कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज से प्रशिक्षण हासिल किया है।

अपने करियर में उन्होंने पश्चिमी सेक्टर के एक फ्रंटलाइन फाइटर बेस और दक्षिणी सेक्टर के एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान भी संभाली है। इसके अलावा उन्होंने कई अहम ऑपरेशनल और स्टाफ जिम्मेदारियां निभाई हैं।

उनकी विशिष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें कई सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है। 2006 में वायु सेना मेडल, 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल, 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल से उन्हें सम्मानित किया गया।

अब 31 अक्टूबर से एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायु सेना की कमान संभालेंगे। ऐसे वक्त में जब भारतीय वायु सेना आधुनिकीकरण, स्वदेशी तकनीक और भविष्य की युद्ध क्षमताओं पर तेजी से काम कर रही है, उनका अनुभव और नेतृत्व बेहद अहम माना जा रहा है।