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तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा उपचुनावों में जीत दर्ज की है। दोनों सीटों पर पार्टी की उम्मीदवारों मरगाथम कुमारवेल और सत्याबामा ने डीएमके प्रत्याशियों को हराया। इस जीत के बाद टीवीके कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। वहीं, दोनों सीटों पर जीत को पिछले चार महीनों में सरकार के कामकाज के प्रति जनता के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
मदुरांतकम सीट पर मरगाथम कुमारवेल ने 17,554 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जबकि धारापुरम में सत्याबामा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 10,196 वोटों से हराया। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में डीएमके दूसरे और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (अन्नाद्रमुक) तीसरे स्थान पर रही।
राज्य सरकार के मंत्रियों ने इन नतीजों को टीवीके सरकार के पिछले चार महीने के प्रदर्शन पर जनता की मुहर बताया। पार्टी के लिए यह जीत इसलिए भी अहम है, क्योंकि चुनाव में राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था।
मदुरांतकम में 17,554 वोटों से जीतीं मरगाथम कुमारवेल
मदुरांतकम विधानसभा सीट पर टीवीके उम्मीदवार मरगाथम कुमारवेल को 61,470 वोट मिले। डीएमके के परंथमन को 43,916 वोट हासिल हुए, जबकि अन्नाद्रमुक की गणिता संपत 38,770 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
नाम तमिलर कच्ची के उम्मीदवार जानकीरामन को 1,703 वोट मिले, जबकि माकपा की प्रत्याशी सुगंधी के खाते में 1,441 वोट आए। इस सीट पर कुल 27 उम्मीदवार मैदान में थे और मतगणना 21 चरणों में पूरी हुई।
निर्वाचन क्षेत्र में कुल 2,13,788 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,84,413 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। यहां 86.26 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो धारापुरम की तुलना में अधिक रहा।
धारापुरम में सत्याबामा ने दर्ज की जीत
धारापुरम विधानसभा सीट पर टीवीके की सत्याबामा को 62,596 वोट मिले। डीएमके उम्मीदवार सुकन्या को 52,400 वोट हासिल हुए और उन्हें 10,196 मतों से हार का सामना करना पड़ा। अन्नाद्रमुक की भानुमति 41,078 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
नाम तमिलर कच्ची की उम्मीदवार कार्तिका को 4,954 वोट मिले, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के लक्ष्मणन को 1,099 मत प्राप्त हुए।
इस सीट पर कुल 22 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। मतगणना 23 चरणों में पूरी हुई। धारापुरम में कुल 2,23,306 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,79,314 ने मतदान किया। यहां मतदान प्रतिशत 80.30 रहा।
-विधायकों के पाला बदलने से खाली हुई थीं सीटें
दोनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की जरूरत तब पड़ी, जब अन्नाद्रमुक के टिकट पर निर्वाचित विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा देकर टीवीके का दामन थाम लिया। इसके बाद इन सीटों पर नए सिरे से चुनाव कराना पड़ा।
उपचुनाव में टीवीके, डीएमके, अन्नाद्रमुक, वामपंथी दलों और नाम तमिलर कच्ची के बीच मुकाबला रहा। प्रमुख राजनीतिक दलों की भागीदारी के कारण दोनों सीटों के नतीजों पर नजरें टिकी थीं।
नतीजे घोषित होने के बाद टीवीके कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ जीत का जश्न मनाया। इन परिणामों से पार्टी को सरकार गठन के बाद अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिला है। वहीं, दोनों सीटें जीतने में नाकाम रहने के बाद डीएमके और अन्नाद्रमुक के सामने अपने चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा करने की चुनौती है।
दो सीटों तक सीमित होने के बावजूद यह नतीजा मुख्यमंत्री विजय की सरकार के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। टीवीके इसे मतदाताओं के भरोसे के संकेत के रूप में पेश कर सकती है। हालांकि, इन उपचुनावों के नतीजों से पूरे राज्य में राजनीतिक समर्थन के व्यापक रुझान का निष्कर्ष निकालने के लिए अन्य चुनावी संकेतकों को भी देखना होगा।