धर्म परिवर्तन के बाद नहीं मिलेगा जाति के आधार पर आरक्षण? सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसलाBy Mid Time Bureau Thu, 15 October 2026 11:46 AM

धर्म परिवर्तन के बाद जाति आधारित आरक्षण का लाभ लेने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि हिंदू सामाजिक व्यवस्था में पिछड़े वर्ग या अनुसूचित जाति से जुड़े किसी व्यक्ति को धर्म बदलने के बाद केवल अपनी पुरानी जातिगत पहचान के आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता।

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, हिंदू जाति व्यवस्था से जुड़ा सामाजिक पिछड़ापन दूसरे धर्म को अपनाने के बाद अपने आप उसी रूप में लागू नहीं माना जा सकता। इसलिए सिर्फ पहले किसी पिछड़े वर्ग या अनुसूचित जाति से संबंधित होने के आधार पर दूसरे धर्म में जाने के बाद आरक्षण का दावा नहीं किया जा सकता।

यह मामला तमिलनाडु सरकार के उस फैसले से जुड़ा था, जिसमें धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बने लोगों को आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया गया था। इस फैसले को मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने सरकार के इस निर्णय को रद्द कर दिया था।

मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा और संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर दाखिल याचिका खारिज कर दी।

इस फैसले के जरिए सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन और जाति आधारित आरक्षण के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। अदालत ने कहा कि केवल पूर्व की जातिगत पहचान के आधार पर दूसरे धर्म में जाने के बाद आरक्षण का अधिकार नहीं मांगा जा सकता।