
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गापूजा के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। उत्तर कोलकाता में चित्तरंजन एवेन्यू के नजदीक स्थित चोरबागान सार्वजनीन दुर्गापूजा पंडाल में शनिवार शाम भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में 19 लोगों की जान चली गई, जबकि 24 अन्य घायल हो गए। घायलों में एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मृतकों में 13 महिलाएं, चार पुरुष और दो बच्चे शामिल हैं। घायलों में से 11 लोगों को बेहतर इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल भेजा गया है। हादसे के बाद पंडाल में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूजा समिति के सदस्यों से होगी पूछताछ, 10 लोग हिरासत में
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि हादसे के बाद 18 लोगों को मृत अवस्था में कोलकाता मेडिकल कॉलेज लाया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पूजा समिति के सभी सदस्यों को थाने बुलाने का निर्देश दिया है। पूजा आयोजकों सहित कुल 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। इसमें आयोजन से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल होगी और घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी।
मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-डी श्रेणी में सरकारी नौकरी देने का भी एलान किया गया है।
वहीं, प्रत्येक घायल को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार ने यह भी कहा है कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
जांच को पारदर्शी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने रविवार को ही उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। इसमें एक मौजूदा न्यायाधीश के नेतृत्व में विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित करने का अनुरोध किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने जताया दुख
कोलकाता के इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गहरा दुख व्यक्त किया है। शनिवार रात कोलकाता पहुंचे अमित शाह ने रविवार के अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। वह अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात भी करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की है। वहीं, हादसे में घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल भी अस्पताल पहुंचे और घायलों को मिल रहे इलाज की जानकारी ली।
घटना के बाद पंडाल में दर्शन रोक दिए गए। एहतियात के तौर पर पंडाल की लाइटें बंद कर दी गईं और प्रवेश तथा निकास के रास्ते भी बंद कर दिए गए।
घोषणा और बारिश के बीच कैसे बिगड़े हालात?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पंडाल में आयोजकों की ओर से की गई एक घोषणा और निजी सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा सीटी बजाए जाने के बाद अचानक भीड़ बढ़ने लगी।
इसी दौरान बारिश शुरू हो गई। पंडाल के बाहर कतार में खड़े लोग बारिश से बचने के लिए आगे बढ़ने लगे। बताया जा रहा है कि इस दौरान लोगों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, धक्का-मुक्की के बीच कुछ लोग सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद स्थिति बिगड़ती चली गई और भगदड़ जैसी परिस्थिति बन गई।
हालांकि, इस हादसे के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, इसका खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगा।
360 डिग्री वाले गलियारे में बढ़ा भीड़ का दबाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पंडाल के अंदर दर्शकों के लिए एक गोलाकार एलिवेटेड गलियारा बनाया गया था। इस रास्ते से लोगों को 360 डिग्री घूमते हुए बाहर निकलना पड़ता था।
शुरुआती जानकारी में इस गलियारे के भीतर भीड़ का दबाव बढ़ने की बात सामने आई है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने यह आरोप भी लगाया कि घटनास्थल पर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों से समय पर पर्याप्त सहायता नहीं मिली।
इन दावों की पुष्टि और हादसे की परिस्थितियों का सही आकलन जांच के बाद ही किया जा सकेगा।
पीड़ित परिवारों की मदद के लिए हेल्पलाइन जारी
राज्य सरकार ने हादसे से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिलाया है।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस घटना पर गहरा शोक जताया है।
श्रेष्ठ पूजा पंडालों की सूची में तीसरे स्थान पर था चोरबागान पंडाल
चोरबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति के इस वर्ष के पंडाल की थीम ‘आर्ब’ यानी ‘बियांड साउंड’ बताई गई थी। 360 डिग्री की अवधारणा पर तैयार किए गए इस पंडाल को श्रेष्ठ पूजा पंडालों की सूची में तीसरा स्थान मिलने की जानकारी सामने आई थी।
इस आयोजन से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के भतीजे देवदीप अधिकारी के जुड़े होने की बात भी सामने आई है। जोड़ासांको से भाजपा विधायक विजय ओझा समिति के अध्यक्ष हैं, जबकि उत्तर कोलकाता जिला भाजपा अध्यक्ष तमोघ्न घोष भी समिति से जुड़े हुए हैं।
हादसे के बाद अब पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण के इंतजाम और आयोजन से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं।
फिलहाल, इस दर्दनाक घटना की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने के पीछे कौन-सी परिस्थितियां जिम्मेदार थीं।