आतंकवाद के खिलाफ भारत को जापान का 'पूरा समर्थन' — जापानी रक्षा मंत्री का आश्वासनBy Admin Mon, 05 May 2025 10:49 AM









नई दिल्ली (IANS) : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी से नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने रक्षा संबंधों को गहराने और आतंकवाद सहित क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों से निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई।

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी।

जनरल नाकातानी ने पहलगाम हमले पर भारत के प्रति एकजुटता जताई और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जापान की ओर से "पूर्ण समर्थन" की पेशकश की।

बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,
"नई दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी सान से मिलकर खुशी हुई। भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है। हमारी द्विपक्षीय बैठक में रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा हुई।"

उन्होंने कहा, "दोनों पक्षों ने सभी प्रकार के आतंकवाद की निंदा की और सीमा पार खतरों का मुकाबला करने के लिए सहयोग और संयुक्त प्रयासों को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।"

राजनाथ सिंह ने आगे कहा, "नाकातानी सान ने पहलगाम हमले के बाद भारत के प्रति एकजुटता व्यक्त की और पूर्ण समर्थन देने की बात कही।"

बातचीत के मुख्य बिंदु:

क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा

रक्षा और रणनीतिक मामलों में सहयोग को और मजबूत करने के रास्तों की तलाश

यह बैठक दोनों मंत्रियों के बीच छह महीनों में दूसरी मुलाकात थी। पहली बैठक नवंबर 2024 में लाओस में आयोजित आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के दौरान हुई थी।

समारोह और स्वागत:
इससे पहले दिन में जनरल नाकातानी को दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
राजनाथ सिंह ने व्यक्तिगत रूप से जापानी रक्षा मंत्री का स्वागत किया और दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से अभिवादन किया।

रक्षा मंत्रालय का बयान:
"भारत और जापान के बीच दीर्घकालिक मित्रता है, जिसे 2014 में विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में ऊंचा उठाए जाने के बाद नई गति मिली है। रक्षा और सुरक्षा इस साझेदारी के प्रमुख स्तंभ हैं।"

मंत्रालय ने यह भी कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने को लेकर दोनों देशों के दृष्टिकोण में तेजी से समानता बढ़ी है। "हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर साझा दृष्टिकोण के चलते रक्षा सहयोग को मजबूती मिली है।"

पृष्ठभूमि में बढ़ा तनाव:
यह बैठक उस समय हुई जब नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान पिछले 11 दिनों से लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन कर रहा है।

भारतीय सेना के अनुसार, 4-5 मई की रात पाकिस्तानी सैनिकों ने बिना किसी उकसावे के छोटे हथियारों से फायरिंग की, जिसके अंतर्गत कुपवाड़ा, बारामूला, पुंछ, राजौरी, मेंढर, नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर क्षेत्र शामिल रहे।

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