'हम सुरक्षित हैं; सरकार और WFI ने भरोसा दिलाया है कि किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी’: अल्बानिया में फंसी महिला पहलवानों पर मुख्य कोच वीरेंद्र सिंहBy Admin Mon, 02 March 2026 10:43 AM

नई दिल्ली-इजरायल–ईरान संघर्ष के तेज होने से उड़ानों के संचालन पर गंभीर असर पड़ा है, जिसके चलते भारतीय महिला कुश्ती टीम अल्बानिया की राजधानी तिराना में फंस गई है। हालांकि, भारत सरकार और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने तुरंत कदम उठाते हुए टीम के लिए ठहरने की व्यवस्था कर दी है।

ईरान द्वारा इजरायल और क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमलों के बाद पश्चिम एशिया के कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। हमलों में यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित ठिकाने भी शामिल थे। ये कार्रवाई अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में की गई।

कुल 16 महिला पहलवान और उनका सहयोगी स्टाफ मुहम्मद मालो 2026 कुश्ती टूर्नामेंट में हिस्सा लेने अल्बानिया गए थे। प्रतियोगिता रविवार को समाप्त हो गई, लेकिन मध्य पूर्व में हालात बिगड़ने के कारण दुबई के रास्ते भारत लौटने वाली उनकी उड़ान रद्द हो गई, जिससे टीम तिराना में ही रुक गई।
वहीं, पुरुष फ्रीस्टाइल टीम अपनी प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद कुछ दिन पहले ही स्वदेश लौट आई थी।

भारतीय महिला कुश्ती टीम के कोच मंजीत ने बताया कि टीम फिलहाल तिराना एयरपोर्ट के पास एक होटल में ठहरी हुई है और उन्होंने त्वरित मदद के लिए WFI तथा भारत सरकार का आभार जताया।
उन्होंने कहा, “यहां हमें किसी तरह की परेशानी नहीं है। हम पूरी तरह सुरक्षित हैं।”

इस बीच, मुख्य कोच वीरेंद्र सिंह ने कहा, “जब हमारी उड़ान रद्द हुई, उसके बाद खेल मंत्रालय और WFI की ओर से हमें तुरंत फोन आया। यहां हमें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है। WFI ने हमें आश्वासन दिया है कि स्थिति सामान्य होने तक हमें किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।”

भारत ने मुहम्मद मालो 2026 के लिए कुल 48 सदस्यीय कुश्ती दल भेजा था, जिसमें पुरुष फ्रीस्टाइल, महिला वर्ग और ग्रीको-रोमन—तीनों में 16-16 पहलवान शामिल थे।

अंडर-23 विश्व चैंपियन सुजीत कलकल इस टूर्नामेंट में भारत के एकमात्र स्वर्ण पदक विजेता रहे। उन्होंने पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। भारत ने इस रैंकिंग सीरीज़ में कुल सात पदक—एक स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य—के साथ अपना अभियान समाप्त किया।

 

With inputs from IANS