
ओस्लो (नॉर्वे)। भारतीय ग्रैंडमास्टर Rameshbabu Praggnanandhaa ने शानदार वापसी करते हुए नॉर्वे चेस 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। अंतिम दौर में निर्णायक जीत दर्ज कर उन्होंने टूर्नामेंट में शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं महिला वर्ग में Bibisara Assaubayeva ने एक राउंड पहले ही अपना खिताब सुनिश्चित कर लिया था।
अंतिम मुकाबले से पहले प्रज्ञानानंदा, Wesley So से आधा अंक पीछे थे। उन्हें पता था कि जीत उनकी किस्मत बदल सकती है। सफेद मोहरों से खेलते हुए उन्होंने Vincent Keymer को हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। इस जीत से उन्हें पूरे 3 अंक मिले और वे कुल 18 अंकों के साथ चैंपियन बन गए।
दूसरी ओर, वेस्ली सो ने Alireza Firouzja के खिलाफ अपना क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ खेला। बाद में उन्होंने आर्मागेडन गेम जीतकर अतिरिक्त अंक हासिल किए, लेकिन प्रज्ञानानंदा को पीछे नहीं छोड़ सके। फिरोज़ा 15.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
एक अन्य चर्चित मुकाबले में विश्व नंबर-1 Magnus Carlsen ने मौजूदा विश्व चैंपियन Gukesh Dommaraju को हराकर टूर्नामेंट का समापन जीत के साथ किया।
अंतिम स्टैंडिंग्स (ओपन वर्ग)
प्रज्ञानानंदा – 18 अंक
वेस्ली सो – 17 अंक
अलीरेज़ा फिरोज़ा – 15.5 अंक
महिला वर्ग में कज़ाख खिलाड़ी बिबिसारा अस्साउबायेवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 16.5 अंकों के साथ खिताब जीता। अंतिम दौर में हालांकि उन्हें मौजूदा महिला विश्व चैंपियन Ju Wenjun के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनका अपराजित रहने का सिलसिला टूट गया।
Zhu Jiner ने अंतिम दौर में Koneru Humpy को हराकर 16 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं Anna Muzychuk ने Divya Deshmukh को हराकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
महिला वर्ग की अंतिम स्टैंडिंग्स
बिबिसारा अस्साउबायेवा – 16.5 अंक
झू जिनर – 16 अंक
अन्ना मुज़ीचुक – 15 अंक
खिताब जीतने के बाद प्रज्ञानानंदा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां की एक बात को भी दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि टूर्नामेंट के दूसरे चरण से पहले उनकी मां ने उनसे कहा था, "नया महीना शुरू हो गया है, अब तुम अच्छा खेलोगे।" उस समय उन्होंने इसे सामान्य सलाह समझा, लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार चार मुकाबले जीत लिए।
प्रज्ञानानंदा ने कहा, "शायद मां को कुछ पता था। मैंने फैसला किया कि मैं पहले की तुलना में थोड़ा तेज खेलूंगा। हर मुकाबले में मेरे पास समय की बढ़त थी और मैं अच्छी गुणवत्ता वाली चालें चल पाया।"
उन्होंने आगे कहा कि यह जीत उनके लिए बेहद खास है, क्योंकि उन्होंने ऐसा टूर्नामेंट जीता जिसमें मैग्नस कार्लसन भी खेल रहे थे। उनके शब्दों में, "मैग्नस की मौजूदगी में यह खिताब जीतना बहुत विशेष है। जिस तरह से मैंने वापसी की, उससे मैं बेहद खुश हूं।"
With inputs from IANS