
नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मुजुमदार का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में लगातार मिली सफलताओं ने टीम के भीतर जीत की ऐसी संस्कृति विकसित कर दी है, जहां जीतना अब खिलाड़ियों के स्वभाव का हिस्सा बन गया है। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 से पहले उन्होंने कहा कि टीम एक बार फिर वैश्विक खिताब जीतने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पिछले वर्ष वनडे विश्व कप जीतकर भारत ने महिला क्रिकेट में अपना पहला वरिष्ठ आईसीसी खिताब हासिल किया था। मौजूदा विश्व चैंपियन के रूप में टी20 विश्व कप में उतर रही भारतीय टीम से इस बार भी बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं। हालांकि मुजुमदार का कहना है कि खिलाड़ी ऐसे दबाव से निपटना अच्छी तरह जानते हैं।
उन्होंने कहा कि हर टूर्नामेंट में दबाव होता है, लेकिन भारतीय खिलाड़ी लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं और ऐसी परिस्थितियों के अभ्यस्त हैं। विश्व कप में पहली बार मौजूदा वनडे विश्व चैंपियन के रूप में उतरना टीम के लिए गर्व की बात है।
मुजुमदार के अनुसार टीम की सफलता केवल बड़े टूर्नामेंटों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि पिछले तीन वर्षों में हर सीरीज को बेहद गंभीरता से लेने की सोच ने इस मानसिकता को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा, “जीत एक आदत होती है। हमने पिछले तीन सालों में हर सीरीज जीतने की कोशिश की है, चाहे सामने कोई भी टीम हो। जब लगातार जीतने की आदत बन जाती है, तो यह स्वाभाविक लगने लगता है।”
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी और मुजुमदार के मार्गदर्शन में भारतीय महिला टीम दुनिया की सबसे मजबूत और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमों में शामिल हो चुकी है। अब लक्ष्य टी20 विश्व कप में भी उसी लय को बरकरार रखना है, जिसने टीम को वनडे विश्व कप का खिताब दिलाया था।
कोच ने खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से टीम लगातार तैयारी में जुटी हुई है और उन्होंने अपने करियर में शायद ही किसी टीम को किसी एक लक्ष्य के प्रति इतना समर्पित देखा हो।
भारतीय टीम में हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स जैसी अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कुछ नए चेहरे भी शामिल हैं। इनमें कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो पिछले साल विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा नहीं थे।
मुजुमदार ने कहा कि टीम का मुख्य उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को वरिष्ठ खिलाड़ियों के अनुभवों से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि भारतीय ड्रेसिंग रूम का माहौल बेहद सकारात्मक है, जहां अनुभवी खिलाड़ी हमेशा अपने अनुभव साझा करने के लिए तैयार रहते हैं।
उन्होंने विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया का उदाहरण देते हुए कहा कि चोटों के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बावजूद वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों को अच्छी तरह समझती हैं और टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
टी20 विश्व कप अभियान से पहले खिलाड़ियों के लिए अपना संदेश स्पष्ट करते हुए मुजुमदार ने कहा, “मैदान पर जाइए, अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए और भारत के लिए मैच जीतने की कोशिश कीजिए। बात इतनी ही सरल है।”
विश्व चैंपियन के आत्मविश्वास और अनुभवी तथा युवा खिलाड़ियों के संतुलित मिश्रण के साथ भारतीय महिला टीम टी20 विश्व कप 2026 में यह साबित करने के इरादे से उतरेगी कि पिछली सफलता सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के स्वर्णिम दौर की शुरुआत है।
With inputs from IANS