फीफा विश्व कप: क्वार्टर फाइनल में हार के बावजूद हॉलैंड बोले— नॉर्वे ने दुनिया के फुटबॉल मानचित्र पर अपनी पहचान बना लीBy Admin Sun, 12 July 2026 12:33 PM

मियामी: इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 2-1 की हार के साथ नॉर्वे का ऐतिहासिक फीफा विश्व कप 2026 अभियान समाप्त हो गया, लेकिन स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हॉलैंड का मानना है कि इस टूर्नामेंट ने नॉर्वे को वैश्विक फुटबॉल में नई पहचान दिलाई है।

मैच के अंतिम चरण में इंग्लैंड की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने संघर्ष करने के बाद हॉलैंड को निर्धारित समय समाप्त होने से 15 मिनट पहले मैदान से बाहर जाना पड़ा। इसके बाद उन्होंने किनारे से अपनी टीम की हार देखी।

25 वर्षीय हॉलैंड ने कहा, "ये छह सप्ताह मेरी जिंदगी के सबसे शानदार रहे। यह अनुभव अविश्वसनीय था। ये यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी। मेरे जीवन में इससे बेहतर फुटबॉल अनुभव कभी नहीं रहा।"

मियामी की उमस भरी गर्मी में खेला गया यह मुकाबला खिलाड़ियों के लिए शारीरिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। लगभग 70 मिनट के बाद थकान साफ दिखाई देने के बावजूद हॉलैंड ने अतिरिक्त समय तक पूरा संघर्ष किया।

इंग्लैंड के खिलाफ वह गोल नहीं कर सके, लेकिन अपने पहले विश्व कप में उन्होंने कुल सात गोल दागकर टूर्नामेंट के शीर्ष गोल स्कोररों में जगह बनाई।

हॉलैंड ने कहा, "मौसम बेहद कठिन था, लेकिन मैं कोई बहाना नहीं बनाना चाहता। क्वार्टर फाइनल जैसे मुकाबलों का फैसला छोटे-छोटे पलों से होता है और इस बार कुछ फैसले हमारे पक्ष में नहीं गए।"

उन्होंने वीडियो सहायक रेफरी (वीएआर) द्वारा रद्द किए गए अपने गोल पर भी निराशा जताई। हॉलैंड का मानना था कि इंग्लैंड के इलियट एंडरसन के साथ हुई टक्कर पर फाउल का फैसला काफी नरम था। उन्होंने कहा कि यदि वह फाउल था, तो लगभग हर मुकाबले में उन्हें भी ऐसे कई फ्री किक मिलने चाहिए।

मैदान के बाहर भी नॉर्वे के प्रशंसकों ने अपनी अलग पहचान बनाई। "वाइकिंग रो" नामक उनका अनोखा समर्थन अभियान सोशल मीडिया पर छा गया। इस दौरान समर्थक वाइकिंग नौका की मुद्रा में बैठकर ढोल की ताल पर एक साथ चप्पू चलाने की शैली अपनाते हैं। हॉलैंड भी मैदान पर इस उत्सव का हिस्सा बने, जिसके वीडियो दुनियाभर में वायरल हुए।

हॉलैंड ने कहा, "सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि हमने नॉर्वे को दुनिया के फुटबॉल मानचित्र पर स्थापित किया। मुझे उम्मीद है कि हमारे देश के युवा इससे प्रेरित होंगे और विश्वास करेंगे कि नॉर्वे की जर्सी पहनकर भी विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर खेला जा सकता है।"

क्वार्टर फाइनल में हॉलैंड का सामना उनके करीबी मित्र और पूर्व क्लब साथी जूड बेलिंघम से हुआ। इंग्लैंड की ओर से दोनों गोल बेलिंघम ने ही किए।

हॉलैंड ने कहा, "जूड मेरा बहुत अच्छा दोस्त है। वह शानदार इंसान और बेहतरीन खिलाड़ी है। उसके प्रदर्शन से मुझे बिल्कुल आश्चर्य नहीं हुआ। इंग्लैंड और रियल मैड्रिड दोनों भाग्यशाली हैं कि उनके पास जूड जैसा खिलाड़ी है।"

उन्होंने यह भी बताया कि बचपन में उन्हें नॉर्वे की जर्सी से पहले इंग्लैंड की जर्सी मिली थी और इसलिए वह चाहते हैं कि इंग्लैंड आगे भी अच्छा प्रदर्शन करे।

विश्व कप से बाहर होने के बावजूद हॉलैंड को विश्वास है कि नॉर्वे ने भविष्य के लिए मजबूत नींव तैयार कर ली है।

उन्होंने कहा, "मैं लंबे समय से कह रहा था कि हम नॉर्वे में कुछ बड़ा बना रहे हैं। अब मुझे लगता है कि वह सपना साकार हो चुका है। हमने दुनिया की सबसे बड़ी फुटबॉल शक्तियों में से एक ब्राजील को हराया और इंग्लैंड को भी कड़ी टक्कर दी।"

अब हॉलैंड छुट्टियों पर जाएंगे, लेकिन उनका मानना है कि इस विश्व कप अभियान ने नॉर्वे और उसके प्रशंसकों को यह भरोसा दिला दिया है कि वे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों से मुकाबला कर सकते हैं।

 

With inputs from IANS