51 साल का इंतजार खत्म करने उतरेगा भारत, कप्तान हरमनप्रीत बोले- इतिहास रचने का समय आ गया हैBy Admin Wed, 22 July 2026 04:01 PM

नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह इस बार एफआईएच हॉकी विश्व कप में दूसरी बार टीम की कमान संभालने जा रहे हैं। टूर्नामेंट से पहले उन्होंने भरोसा जताया कि मौजूदा टीम 51 साल से चले आ रहे विश्व कप खिताब के इंतजार को खत्म कर नया इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है।

भारतीय हॉकी ने विश्व कप के शुरुआती तीन संस्करणों में शानदार प्रदर्शन किया था। टीम ने 1971 में कांस्य, 1973 में रजत और 1975 में स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि, इसके बाद पिछले पांच दशकों से भारत विश्व कप के पोडियम तक नहीं पहुंच सका है।

भारत को 1975 में एकमात्र विश्व कप खिताब दिलाने वाले कप्तान अजीत पाल सिंह ने भी दो बार टीम की अगुआई की थी। हरमनप्रीत अब उसी उपलब्धि को दोहराकर भारत के 51 साल लंबे इंतजार को खत्म करना चाहते हैं।

हरमनप्रीत ने कहा, "हमने 2021 टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद कांस्य पदक जीतकर एक नई उम्मीद जगाई थी। अब विश्व कप जीते हुए भी 50 साल से ज्यादा हो चुके हैं। मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि हम इस लंबे इंतजार को खत्म करें और इतिहास रचें। हमें अपना समर्थन और भरोसा देते रहें, हम मैदान पर हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ देने की पूरी कोशिश करेंगे।"

पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत को लगातार दूसरा ओलंपिक कांस्य पदक दिलाने वाले हरमनप्रीत का मानना है कि 20 सदस्यीय भारतीय टीम हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

विश्व कप में भारत को पूल-डी में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ करेगी।

टूर्नामेंट की तैयारियों पर हरमनप्रीत ने कहा, "प्रो लीग के आखिरी चरण, खासकर रॉटरडैम और लंदन में हमारे प्रदर्शन ने दिखाया कि टीम कितनी आगे बढ़ी है। हमारी ट्रेनिंग और मैच दोनों अच्छे रहे हैं और अब उसी लय को विश्व कप में भी बरकरार रखना चाहते हैं।"

मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने 2025-26 एफआईएच प्रो लीग के दौरान 33 खिलाड़ियों को मौका देकर टीम की गहराई को परखा। हालांकि भारत अंकतालिका में आठवें स्थान पर रहा, लेकिन अभियान के अंत में टीम के खेल में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले।

कप्तान ने कहा, "हमारे लिए सबसे जरूरी चीज निरंतरता है। हमें हर मैच में बेहतर प्रदर्शन करना होगा, पूरे टूर्नामेंट में फोकस बनाए रखना होगा और ऐसी गलतियों से बचना होगा जो महंगी साबित हो सकती हैं। हमें अपनी रणनीति पर टिके रहकर एकजुट होकर खेलना होगा।"

टीम के सुधार के सबसे अहम पहलू पर हरमनप्रीत ने कहा कि स्ट्राइकिंग सर्कल में आक्रामक और रक्षात्मक दोनों स्तर पर प्रभावी प्रदर्शन बेहद जरूरी होगा।

उन्होंने कहा, "चाहे हमला हो या बचाव, हमें 'डी' के अंदर ज्यादा प्रभावी बनना होगा। हमारी टीम की समझ और संरचना लगातार बेहतर हो रही है। इसके साथ ही हमारा पूरा ध्यान हर मौके का पूरा फायदा उठाने पर है, चाहे वह सर्कल एंट्री हो, गोल पर शॉट, पेनल्टी कॉर्नर या कोई अटैकिंग सेट-पीस।"

भारत पिछले 10 वर्षों से पाकिस्तान के खिलाफ कोई मुकाबला नहीं हारा है, लेकिन दोनों टीमों के बीच होने वाला मैच अब भी सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है।

इस मुकाबले को लेकर हरमनप्रीत ने कहा, "हर कोई इस मैच का इंतजार करता है और सभी को हमसे जीत की उम्मीद होती है। लेकिन हमें भावनाओं पर नियंत्रण रखते हुए समझदारी से खेलना होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "हम अपने पूल की हर टीम के खिलाफ खेलने को लेकर उत्साहित हैं, चाहे वह वेल्स हो, इंग्लैंड हो या पाकिस्तान। पहली सीटी से ही हमें विपक्षी टीम पर दबाव बनाना होगा और मिलने वाले हर मौके को गोल में बदलना होगा।"

 

With inputs from IANS

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