कॉमनवेल्थ खेल 2026 का भव्य आगाज़, मीराबाई-लवलीना के कंधों पर भारत की पदक उम्मीदेंBy Admin Fri, 24 July 2026 01:47 PM

ग्लासगो: स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो में गुरुवार को रंगारंग उद्घाटन समारोह के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का शानदार आगाज़ हुआ। ओवीओ हाइड्रो एरिना में आयोजित समारोह में स्कॉटलैंड की संस्कृति, संगीत और परंपराओं की झलक देखने को मिली। ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय ने आधिकारिक रूप से खेलों का उद्घाटन किया, जिसके साथ अगले 11 दिनों तक चलने वाले खेल महाकुंभ की शुरुआत हो गई।

राष्ट्रों की परेड में भारतीय दल का नेतृत्व ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने किया। मीराबाई ने तिरंगा थामकर भारतीय खिलाड़ियों की अगुवाई की, जबकि टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना ने कॉमनवेल्थ बैटन लेकर भारत की नई उम्मीदों का प्रतीक प्रस्तुत किया। भारतीय दल के एरिना में प्रवेश पर दर्शकों ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया।

भारत ने इस बार 13 खेलों, जिनमें पैरा स्पोर्ट्स भी शामिल हैं, में कुल 126 खिलाड़ियों का दल भेजा है। हालांकि इस बार प्रतियोगिताओं की संख्या पहले के मुकाबले कम है, फिर भी भारतीय टीम में कई ओलंपिक और विश्व स्तर के पदक विजेता शामिल हैं, जिनसे देश को शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।

दिलचस्प बात यह रही कि उद्घाटन समारोह से पहले ही भारत का अभियान शुरू हो चुका था। भारतीय लॉन बॉल्स टीम ने दिन में अपना पहला मुकाबला खेला और बर्मिंघम 2022 जैसी सफलता दोहराने के इरादे से मैदान में उतरी।

कॉमनवेल्थ गेम्स के 23वें संस्करण में 74 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी 10 खेलों में अपनी चुनौती पेश करेंगे। मुकाबले स्कॉटिश इवेंट कैंपस, स्कॉटस्टाउन स्टेडियम, टोलक्रॉस इंटरनेशनल स्विमिंग सेंटर और ग्लासगो एरिना जैसे प्रमुख खेल स्थलों पर आयोजित किए जाएंगे।

भारतीय चुनौती की बात करें तो एथलेटिक्स में ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा सबसे बड़े आकर्षण होंगे। वहीं भारोत्तोलन में मीराबाई चानू और मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन से भी पदक की उम्मीदें हैं। मजबूत बॉक्सिंग टीम के साथ भारत एक बार फिर कॉमनवेल्थ खेलों में अपने शानदार इतिहास को आगे बढ़ाने के लक्ष्य के साथ उतरा है।

उद्घाटन समारोह की चमक-दमक के बाद अब निगाहें मैदान पर होंगी, जहां अगले 11 दिनों तक पदकों, रिकॉर्डों और यादगार मुकाबलों का रोमांच देखने को मिलेगा।

 

With inputs from IANS