

ओंटारियो: भारतीय पुरुष टीम ने विश्व जूनियर स्क्वैश टीम चैंपियनशिप में लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया। सेमीफाइनल में उसे अमेरिका के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इससे एक दिन पहले भारतीय महिला टीम भी क्वार्टर फाइनल में अमेरिका से हारकर बाहर हो गई थी।
सेमीफाइनल के पहले मुकाबले में गुरवीर सिंह ने अमेरिकी खिलाड़ी ब्रेंडन टैगलियारिनी को कड़ी टक्कर दी, लेकिन 7-11, 12-10, 9-11, 7-11 से हार गए। इसके बाद भारत के शीर्ष खिलाड़ी आर्यवीर देवान भी यासीन शलाबी के खिलाफ 5-11, 7-11, 5-11 से मुकाबला गंवा बैठे।
हालांकि भारत के लिए यह उपलब्धि ऐतिहासिक रही, क्योंकि पहली बार किसी भारतीय टीम ने विश्व जूनियर टीम प्रतियोगिता में लगातार दो बार पदक जीतने का कारनामा किया है।

पहले मैच में अपना 17वां जन्मदिन मना रहे ब्रेंडन टैगलियारिनी ने गुरवीर सिंह के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 11-7, 9-11, 6-11, 11-7, 11-3 से जीत दर्ज कर अमेरिका को बढ़त दिलाई।
इसके बाद यासीन शलाबी ने दूसरे मुकाबले में शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और आर्यवीर देवान को सीधे गेमों में हराकर अमेरिका की फाइनल में जगह पक्की कर दी।
मैच के बाद टैगलियारिनी ने कहा, "मैंने पूरी ताकत से मुकाबला किया और गुरवीर ने मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने के लिए मजबूर किया। मैं खुद से लगातार कहता रहा कि मैं यह कर सकता हूं और मेरे कोच निक टेलर ने भी मेरा हौसला बढ़ाया। टीम के लिए यह जीत हासिल करना शानदार एहसास है।"
वहीं शलाबी ने कहा, "भारत बेहद मजबूत प्रतिद्वंद्वी है। उन्होंने इंग्लैंड जैसी टीम को हराया और साबित किया कि वे दुनिया की बेहतरीन टीमों में से एक हैं। अपने साथियों के साथ यह जीत हासिल कर मैं बेहद खुश हूं। हम सभी एक-दूसरे का पूरा समर्थन करते हैं और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।"
अब फाइनल में अमेरिका का सामना मौजूदा चैंपियन मिस्र से होगा। यह 2025 के फाइनल का भी दोहराव होगा, जहां दोनों टीमें खिताब के लिए आमने-सामने थीं।
With inputs from IANS