





सेंट लुइस: भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रैंड चेस टूर सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज 2026 का खिताब एक दौर शेष रहते ही अपने नाम कर लिया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में लगातार बढ़त बनाए रखी और अंतिम मुकाबले में उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ ड्रॉ खेलकर चैंपियन बनने की औपचारिकता पूरी की।
20 वर्षीय प्रज्ञानानंदा ने 35 में से कुल 23 अंक हासिल किए। सिंदारोव ने 22 अंकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि वेस्ली सो 20.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
खिताब जीतने के साथ प्रज्ञानानंदा को 50,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि और 13 ग्रैंड चेस टूर अंक मिले। इस जीत के कारण उन्हें प्लेऑफ की जरूरत नहीं पड़ी। इस शानदार प्रदर्शन के बाद वह आगामी सिंकफील्ड कप से पहले ग्रैंड चेस टूर की समग्र अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि फेबियानो कारुआना अब भी शीर्ष पर बने हुए हैं।

पूरे पांच दिवसीय टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंदा ने अपनी बढ़त बरकरार रखी। अंतिम चरण में सिंदारोव ने उन्हें कड़ी टक्कर दी, लेकिन भारतीय ग्रैंडमास्टर ने दबाव में भी संयम बनाए रखा और खिताब अपने नाम कर लिया।
इससे पहले जून 2026 में भी प्रज्ञानानंदा ने इतिहास रचते हुए प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया था।
31 जुलाई से 7 अगस्त तक आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दुनिया के 10 शीर्ष ग्रैंडमास्टर्स ने हिस्सा लिया। टूर्नामेंट में कुल 9 रैपिड और 18 ब्लिट्ज राउंड खेले गए, जिनमें कुल 135 मुकाबले हुए। रैपिड वर्ग में जीत पर 2 अंक और ड्रॉ पर 1 अंक, जबकि ब्लिट्ज में जीत पर 1 अंक और ड्रॉ पर 0.5 अंक दिए गए।
With inputs from IANS