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मिजोरम के आइजोल की NCC स्कूल अंडर-17 बालिका फुटबॉल टीम ने 65वें सुब्रोतो कप के जूनियर गर्ल्स वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। शिलॉन्ग स्थित NCC डायरेक्टोरेट ऑफ नॉर्थ ईस्टर्न रीजन का प्रतिनिधित्व कर रही टीम ने सेमीफाइनल में छत्तीसगढ़ को 2-1 से हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया।
अब मिजोरम की टीम का सामना गुरुवार, 27 अगस्त को फाइनल में झारखंड से होगा। सेमीफाइनल में जीत के बाद टीम के हौसले बुलंद हैं और वह प्रतिष्ठित स्कूल फुटबॉल टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
65वें सुब्रोतो कप में इस बार अलग-अलग वर्गों में 106 टीमें हिस्सा ले रही हैं। मुकाबलों का आयोजन दिल्ली-NCR और बेंगलुरु में किया जा रहा है। यह टूर्नामेंट भारतीय स्कूल फुटबॉल के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित आयोजनों में शामिल है।
सुब्रोतो कप की शुरुआत 1960 में हुई थी। इसका नाम भारत के पहले चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल सुब्रोतो मुखर्जी के नाम पर रखा गया है। फुटबॉल के प्रति गहरी रुचि रखने वाले मुखर्जी ने 1958 में इस प्रतियोगिता की परिकल्पना की थी। उनके निधन के बाद सुब्रोतो मुखर्जी स्पोर्ट्स एजुकेशन सोसाइटी का गठन किया गया और आगे चलकर इस प्रतियोगिता ने देशभर में अपनी पहचान बनाई।
पहले संस्करण में दिल्ली की करीब 50 स्कूल टीमों ने हिस्सा लिया था। आज इसका दायरा काफी बढ़ चुका है। देशभर में लगभग 34,000 स्कूल टीमें राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेती हैं, जिनमें से विजेता टीमें मुख्य सुब्रोतो कप के लिए क्वालीफाई करती हैं।
महिला फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिहाज से भी इस टूर्नामेंट का खास महत्व है। शुरुआत में यह प्रतियोगिता केवल लड़कों के अंडर-17 वर्ग तक सीमित थी। 1998 में अंडर-14 लड़कों का वर्ग जोड़ा गया और 2012 में अंडर-17 बालिका वर्ग की शुरुआत की गई। इससे देश में स्कूली स्तर पर लड़कियों के फुटबॉल को प्रतिस्पर्धी मंच मिला।
सुब्रोतो कप को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी हासिल है। ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, यूक्रेन, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, अफगानिस्तान, मलेशिया, इजरायल, भूटान, यूएई, इंडोनेशिया और उज्बेकिस्तान की टीमें भी अलग-अलग वर्षों में इसमें हिस्सा ले चुकी हैं।
प्रतियोगिता के लिए टीमों का चयन जमीनी स्तर से शुरू होता है। प्रारंभिक मुकाबले उपमंडल, जिला और प्रमंडल स्तर पर आयोजित किए जाते हैं, जिसके बाद राज्य स्तरीय फाइनल होता है। राज्य चैंपियन टीमें मुख्य सुब्रोतो कप में पहुंचती हैं, जहां लीग-कम-नॉकआउट प्रारूप में FIFA के नियमों के तहत मुकाबले खेले जाते हैं। NCC की टीमें भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकती हैं।
मिजोरम की टीम के फाइनल में पहुंचने के बाद भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी। मंगलवार को सोशल मीडिया पर जारी संदेश में ईस्टर्न कमांड ने टीम के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।
अब सभी की नजरें 27 अगस्त को होने वाले फाइनल पर हैं, जहां मिजोरम की NCC टीम और झारखंड की टीम के बीच खिताब के लिए मुकाबला होगा। यह मैच दोनों टीमों की युवा खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का बड़ा अवसर होगा।
