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भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में 4-3 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली है। गुरुवार को गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने तीन गोल की बढ़त गंवाने के बाद आखिरी मिनट में निर्णायक गोल दागा। इस जीत के साथ ही भारत ने अपना पदक पक्का कर लिया है और अब उसकी नजरें लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतने पर हैं।
भारत की इस जीत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में सीधे प्रवेश की उम्मीदों को भी मजबूत किया है। एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को ओलंपिक में सीधे क्वालिफिकेशन मिलेगा। ऐसे में फाइनल मुकाबला भारतीय टीम के लिए खिताब के साथ-साथ ओलंपिक टिकट हासिल करने का भी बड़ा मौका होगा।
भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पांचवें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके आठ मिनट बाद, 13वें मिनट में हरमनप्रीत ने एक और पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार ड्रैग फ्लिक लगाकर भारत की बढ़त दोगुनी कर दी।
भारतीय खिलाड़ियों ने पहले हाफ में गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और पाकिस्तान के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। इसका फायदा भारत को 23वें मिनट में मिला, जब सुखजीत सिंह ने शानदार मूव को गोल में बदलकर स्कोर 3-0 कर दिया। इस हमले की शुरुआत मनप्रीत सिंह ने की थी, जिन्होंने गेंद पर कब्जा हासिल करने के बाद शिलानंद लाकड़ा को पास दिया। लाकड़ा ने बाईं ओर से तेजी से आगे बढ़ते हुए गेंद गोल के सामने पहुंचाई, जहां सुखजीत ने उसे नेट में डाल दिया।
तीन गोल से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान ने वापसी की कोशिशें तेज कर दीं। 30वें मिनट में अबू महमूद ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर पाकिस्तान का खाता खोला। इसके बाद मुकाबले का रुख धीरे-धीरे बदलने लगा।
तीसरे क्वार्टर में पाकिस्तान ने भारतीय डिफेंस पर दबाव बढ़ाया। 45वें मिनट में हन्नान शाहिद ने दाईं ओर से आए खतरनाक पास का फायदा उठाते हुए गोल दागा और स्कोर 3-2 कर दिया। भारत अभी इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि अंतिम क्वार्टर के शुरुआती मिनटों में पाकिस्तान ने बराबरी हासिल कर ली। राणा वहीद ने दाईं ओर से आई गेंद को गोल में पहुंचाकर स्कोर 3-3 कर दिया।
तीन गोल की बढ़त गंवाने के बाद भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया था। मुकाबला शूटआउट की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, लेकिन आखिरी मिनट में अभिषेक ने शानदार गोल कर भारत की उम्मीदों को फिर से जगा दिया। सर्कल के दाईं ओर जगह बनाकर उन्होंने गेंद को गोल की दिशा में भेजा, जिसे डिफ्लेक्शन मिला और वह पाकिस्तानी गोलकीपर मुनीब-उर-रहमान रजा को छकाते हुए गोलपोस्ट में समा गई।
आखिरी क्षणों में पाकिस्तान को बराबरी का मौका नहीं मिला और भारत ने 4-3 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ लगातार 21वें मैच में हार से बचने का रिकॉर्ड भी कायम रखा।
अब भारतीय पुरुष टीम स्वर्ण पदक के मुकाबले में दक्षिण कोरिया और मलेशिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगी। भारत के पास लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स हॉकी का खिताब जीतने का मौका है।
इस बीच, भारतीय महिला हॉकी टीम भी फाइनल में पहुंच चुकी है। महिला टीम का सामना खिताब की मौजूदा चैंपियन चीन से होगा। खास बात यह है कि 1998 के बाद पहली बार भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें एक ही एशियन गेम्स में फाइनल तक पहुंची हैं।
1998 में पुरुष टीम ने पेनल्टी शूटआउट में दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता था, जबकि महिला टीम को उसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ फाइनल में हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा था।
एशियन गेम्स के इतिहास में अब तक भारत ने एक ही संस्करण में पुरुष और महिला, दोनों हॉकी प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक नहीं जीता है। ऐसे में 2026 का फाइनल दोनों टीमों के लिए इतिहास रचने का अवसर है। यदि दोनों टीमें अपने-अपने फाइनल जीतती हैं, तो भारत पहली बार एक ही एशियन गेम्स में पुरुष और महिला हॉकी का स्वर्ण पदक अपने नाम करेगा। इसके साथ ही दोनों टीमों के सामने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का सीधा टिकट हासिल करने का भी सुनहरा मौका होगा।