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भारतीय पहलवान दीपक पूनिया ने शनिवार को एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीत लिया। पदक मुकाबले में दीपक ने मंगोलिया के गंखुयाग गनबातार को 2-1 से हराकर प्रतियोगिता में भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया।
दीपक के लिए यह एशियन गेम्स में दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 2023 एशियन गेम्स में पुरुषों के 86 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था। इस बार उन्होंने 97 किग्रा वर्ग में चुनौती पेश करते हुए पोडियम पर जगह बनाई।
कांस्य पदक मुकाबला बेहद कड़ा और कम स्कोर वाला रहा। दीपक ने शुरुआती दौर में दो अंक हासिल किए और फिर दूसरे पीरियड में एक अंक गंवाने के बावजूद अपनी बढ़त कायम रखी। आखिरी क्षणों में उन्होंने शानदार रक्षात्मक खेल दिखाया और 2-1 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
दीपक ने प्रतियोगिता की शुरुआत चीन के झोउ जुनपेंग के खिलाफ 12-2 की शानदार जीत से की थी। इसके बाद उन्हें क्वार्टरफाइनल में हांगकांग के ली वुई फुंग विंसेंट के खिलाफ बिना मुकाबला किए सेमीफाइनल में प्रवेश मिला, क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी मुकाबले के लिए नहीं पहुंचे।
सेमीफाइनल में दीपक का सामना उज्बेकिस्तान के शेरजोद पोयोनोव से हुआ। दोनों के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा, लेकिन दीपक को 8-9 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद उन्होंने कांस्य पदक मुकाबले में वापसी करते हुए गनबातार को मात दी और अपना अभियान पदक के साथ समाप्त किया।
97 किग्रा पुरुष फ्रीस्टाइल वर्ग में यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का केवल पांचवां पदक है। इस वर्ग में भारत के लिए पहला पदक 1962 में मारुति माने ने स्वर्ण जीतकर हासिल किया था। उसी संस्करण में गणपत आंदलकर ने रजत पदक जीता था। 1966 में बिश्वनाथ सिंह ने रजत और भीम सिंह ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।
दीपक का कांस्य पदक नागोया में भारतीय पुरुष फ्रीस्टाइल कुश्ती के लिए शानदार दिन को और खास बनाता है। शनिवार को अमन सहरावत ने 57 किग्रा वर्ग में उत्तर कोरिया के मौजूदा विश्व चैंपियन हान चोंग-सोंग को 11-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही वह 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बन गए।
इससे पहले सुजीत कलकल ने 65 किग्रा वर्ग में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडियेव को 10-9 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने मुकाबले में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए भारत को इस वर्ग का खिताब दिलाया।
अमन और सुजीत के स्वर्ण तथा दीपक के कांस्य के साथ भारतीय पुरुष फ्रीस्टाइल पहलवानों ने नागोया एशियन गेम्स में मजबूत प्रदर्शन किया है। अमन का स्वर्ण पदक एक और ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया, क्योंकि 1978 के बाद यह पहली बार है जब भारत ने एक ही एशियन गेम्स में पुरुष फ्रीस्टाइल कुश्ती के दो स्वर्ण पदक जीते हैं।