अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप: कोमल ने जीता कांस्य, अमृता पुजारी स्वर्ण पदक से एक कदम दूरBy IANS Fri, 16 October 2026 01:29 PM

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भारतीय पहलवान कोमल ने अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में महिलाओं के 59 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत का पदक खाता खोला। वहीं, अमृता पुजारी ने 72 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर देश के लिए एक और स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद जगा दी है।

कोमल ने शुक्रवार को कांस्य पदक के मुकाबले में कजाखस्तान की विक्टोरिया खुसैनोवा को 7-2 से हराकर पोडियम पर जगह बनाई। भारतीय पहलवान ने टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत करते हुए कनाडा की एला मैरी फाइंडिंग को मात दी थी। इसके बाद उन्होंने मोल्दोवा की मदालिना प्रिसाकारी को 8-3 से हराकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।

हालांकि, कोमल को यूक्रेन की एलिना फिलिपोविच के खिलाफ 1-13 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने कांस्य पदक के मुकाबले में दमदार वापसी की और भारत के लिए पदक सुनिश्चित किया।

दूसरी ओर, अमृता पुजारी ने 72 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की वेनजिन किउ को चित कर फाइनल में प्रवेश किया। अब शनिवार को स्वर्ण पदक के लिए उनका मुकाबला यूक्रेन की इरीना जाब्लोत्स्का से होगा। अमृता की जीत भारत के पदकों की संख्या बढ़ाने के साथ चैंपियनशिप में देश के अभियान को और मजबूती दे सकती है।

महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में स्वीटी और 65 किलोग्राम वर्ग में वैश्णवी पाटिल भी कांस्य पदक की दौड़ में बनी हुई हैं। दोनों पहलवान क्वार्टर फाइनल में हारने के बाद रेपेचेज के जरिए वापसी की कोशिश कर रही हैं। रेपेचेज का मौका उन पहलवानों को मिलता है, जिनके क्वार्टर फाइनल में हारने वाले प्रतिद्वंद्वी फाइनल तक पहुंच जाते हैं।

स्वीटी को क्वार्टर फाइनल में क्रिस्टेल रोड्रिगेज डोबलर के खिलाफ 2-11 से हार मिली थी। डोबलर के फाइनल में पहुंचने के बाद स्वीटी को रेपेचेज में खेलने का अवसर मिला। अब कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाने के लिए उनका सामना चीन की शियाओतोंग जेंग से होगा।

वहीं, वैश्णवी पाटिल को क्वार्टर फाइनल में रूस की एकातेरिना कोशकिना ने तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया। अब वैश्णवी रेपेचेज में जापान की हारुका कोबारू से भिड़ेंगी। इस मुकाबले में जीत उन्हें कांस्य पदक की दौड़ में बनाए रखेगी।

इस बीच, भारतीय टीम को वीजा संबंधी दिक्कतों के कारण कई भार वर्गों में पहलवानों के बिना उतरना पड़ा। अंडर-20 आयु वर्ग का होने और पूर्णकालिक नौकरी नहीं होने के आधार पर वीजा नहीं मिलने के कारण भारत महिला कुश्ती के 50, 55, 57 और 62 किलोग्राम वर्ग तथा ग्रीको-रोमन शैली के 60, 77, 82, 97 और 130 किलोग्राम वर्ग में पहलवान नहीं उतार सका।

गुरुवार को विश्वजीत रामचंद्र मोरे ने ग्रीको-रोमन शैली में भारत के लिए अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप का पहला रजत पदक जीतकर इतिहास रचा था। पुरुषों के 55 किलोग्राम फाइनल में उन्हें जॉर्जिया के कोबा करुमिद्जे के खिलाफ अंतिम क्षणों में 12-13 से हार का सामना करना पड़ा। विश्वजीत इससे पहले अंडर-23 विश्व स्तर पर दो कांस्य पदक भी जीत चुके हैं।

पिछले संस्करण में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा था। सर्बिया के नोवी साद में आयोजित अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने कुल नौ पदक जीते थे, जिनमें एक स्वर्ण, एक रजत और सात कांस्य पदक शामिल थे। इस बार भी भारतीय पहलवानों की नजरें पदकों की संख्या बढ़ाने और पिछले प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर टिकी हैं।