स्पेस-आधारित एआई डेटा सेंटर्स के लिए SpaceX ने xAI का किया अधिग्रहण: एलन मस्कBy Admin Tue, 03 February 2026 06:29 AM

मुंबई। अमेरिकी उद्यमी एलन मस्क ने कहा है कि उनकी एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) ने उनके ही एआई स्टार्टअप xAI का अधिग्रहण कर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरिक्ष में एआई कंप्यूट क्षमता बढ़ाने की योजना साझा की है, जिसके तहत बड़ी संख्या में सैटेलाइट्स लॉन्च कर ऑर्बिटल डेटा सेंटर्स बनाए जाएंगे।

एलन मस्क ने एक बयान में कहा, “यदि हर साल दस लाख टन सैटेलाइट्स लॉन्च किए जाएं और प्रति टन किलोवाट (kW) स्तर की कंप्यूट क्षमता पैदा की जाए, तो इससे सालाना करीब 100 गीगावाट एआई कंप्यूट क्षमता जुड़ सकती है, वह भी बिना किसी निरंतर संचालन या रखरखाव की जरूरत के। अंततः पृथ्वी से हर साल 1 टेरावाट (TW) क्षमता लॉन्च करने का रास्ता भी मौजूद है।”

स्पेसएक्स के संस्थापक ने कहा कि उन्नत एआई की भारी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए स्पेस-आधारित एआई ही दीर्घकालिक रूप से एकमात्र व्यवहारिक समाधान है। उनका तर्क है कि कक्षा (ऑर्बिट) में लगभग निरंतर उपलब्ध सौर ऊर्जा, धरती पर बने डेटा सेंटर्स की तुलना में कहीं कम लागत पर कंप्यूट क्षमता उपलब्ध करा सकती है।

मस्क के अनुसार, केवल लागत-कुशलता ही कंपनियों को अपने एआई मॉडल्स की ट्रेनिंग और डेटा प्रोसेसिंग को अभूतपूर्व गति और पैमाने पर आगे बढ़ाने में सक्षम बना देगी।

उन्होंने कहा, “अगर हम अपने सूर्य की ऊर्जा का केवल दस लाखवां हिस्सा भी उपयोग करना चाहें, तो इसके लिए हमारी मौजूदा सभ्यता की खपत से दस लाख गुना अधिक ऊर्जा की जरूरत होगी। इसलिए तार्किक समाधान यही है कि इन संसाधन-प्रधान गतिविधियों को ऐसे स्थान पर ले जाया जाए, जहां ऊर्जा और जगह दोनों प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हों।”

मस्क ने बताया कि वर्तमान में एआई की प्रगति बड़े धरती-आधारित डेटा सेंटर्स पर निर्भर है, जिनमें अत्यधिक बिजली और कूलिंग की आवश्यकता होती है।

उन्होंने चेतावनी दी कि एआई के लिए वैश्विक बिजली मांग को केवल स्थलीय समाधानों से पूरा करना, निकट भविष्य में भी, समुदायों और पर्यावरण पर भारी दबाव डाले बिना संभव नहीं है।

मस्क ने आगे बताया कि स्पेसएक्स का स्टारशिप रॉकेट 2026 से और अधिक शक्तिशाली V3 स्टारलिंक सैटेलाइट्स को कक्षा में पहुंचाना शुरू करेगा। प्रत्येक लॉन्च, मौजूदा फाल्कन रॉकेट्स के जरिए भेजे जा रहे V2 स्टारलिंक सैटेलाइट्स की तुलना में 20 गुना से ज्यादा क्षमता जोड़ेगा।

उन्होंने कहा कि स्टारशिप के जरिए “हर घंटे 200 टन भार के साथ लॉन्च” संभव होंगे और अंततः लाखों टन सामग्री को कक्षा और उससे आगे तक पहुंचाया जा सकेगा।

मस्क ने यह भी जोड़ा कि स्टारशिप अगली पीढ़ी के डायरेक्ट-टू-मोबाइल सैटेलाइट्स भी लॉन्च करेगा, जिससे पृथ्वी के हर कोने में पूर्ण सेल्युलर कवरेज उपलब्ध हो सकेगा।

 

With inputs from IANS