
नई दिल्ली: एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े कौशल पारंपरिक इंजीनियरिंग और आईटी क्षमताओं से आगे निकल गए हैं और नियोक्ताओं के लिए सबसे कठिन कौशल बन गए हैं।
ManpowerGroup की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2026 के लिए 82 प्रतिशत नियोक्ताओं ने कुशल प्रतिभा की कमी की बात कही है। रिपोर्ट में बताया गया कि एआई साक्षरता और एआई मॉडल डेवलपमेंट सबसे कठिन कौशलों में शामिल हैं। साथ ही, प्रतिभा का दबाव पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा है और यह वैश्विक औसत 72 प्रतिशत से काफी ऊपर बना हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है, “दुनियाभर में जिन कौशलों की सबसे ज्यादा कमी है, उनमें एआई साक्षरता, एआई मॉडल डेवलपमेंट, इंजीनियरिंग, बिक्री एवं विपणन, तथा मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्शन शामिल हैं। यह दर्शाता है कि एआई क्षमताएं अब सार्वभौमिक रूप से दुर्लभ हो गई हैं।”
भारत प्रतिभा की सबसे अधिक कमी वाले देशों में शामिल है, जहां यह स्थिति स्लोवाकिया (87 प्रतिशत), ग्रीस (84 प्रतिशत) और जापान (84 प्रतिशत) जैसे देशों के समान है।
41 देशों में 39,000 से अधिक नियोक्ताओं पर आधारित इस अध्ययन में वैश्विक स्तर पर भर्ती दबाव में मामूली राहत दिखाई गई है—2025 में 74 प्रतिशत की तुलना में 2026 में यह 72 प्रतिशत रहा। हालांकि, एआई क्षमताओं को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा इस राहत को काफी हद तक संतुलित कर रही है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि संगठनों को उन्नत तकनीकी विशेषज्ञता के साथ-साथ आवश्यक सॉफ्ट स्किल्स हासिल करने में कठिनाई हो रही है, जिससे कौशल असंतुलन और गहराता जा रहा है।
Sandeep Gulati, मैनेजिंग डायरेक्टर (भारत और मध्य पूर्व), मैनपावरग्रुप इंडिया ने कहा, “भारत में 82 प्रतिशत प्रतिभा की कमी श्रम बाजार में किसी चक्रीय बदलाव के बजाय एक संरचनात्मक परिवर्तन का संकेत है।”
रिपोर्ट के अनुसार, नियोक्ताओं की रणनीतियों में भी विविधता दिखी—करीब 37 प्रतिशत ने अपस्किलिंग और रिस्किलिंग को प्राथमिकता दी, 35 प्रतिशत ने नए टैलेंट पूल पर ध्यान केंद्रित किया, 26 प्रतिशत ने काम के समय में अधिक लचीलापन दिया और 25 प्रतिशत ने लोकेशन फ्लेक्सिबिलिटी की पेशकश की।
यह प्रतिभा संकट विभिन्न उद्योगों में फैला हुआ है, जिनमें सबसे अधिक दबाव झेलने वाले क्षेत्र ऑटोमोटिव (94 प्रतिशत), सूचना एवं वित्त या बीमा (85 प्रतिशत), तथा प्रोफेशनल, वैज्ञानिक और तकनीकी सेवाएं या कंस्ट्रक्शन व रियल एस्टेट या टेक और आईटी सेवाएं (84 प्रतिशत) शामिल हैं।
With inputs from IANS