
नई दिल्ली: United States Department of Defense ने अपने गोपनीय (क्लासिफाइड) नेटवर्क में OpenAI के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल तैनात करने का फैसला किया है। इस कदम के साथ ही उसने एआई सुरक्षा और सैन्य उपयोग को लेकर मतभेदों के कारण Anthropic से दूरी बना ली है।
इस फैसले की पुष्टि करते हुए ओपनएआई के सीईओ Sam Altman ने बताया कि कंपनी ने पेंटागन के साथ इस तैनाती को लेकर औपचारिक समझौता कर लिया है।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में ऑल्टमैन ने कहा कि रक्षा विभाग के साथ हुई चर्चाओं में “सुरक्षा के प्रति गहरा सम्मान” और सर्वोत्तम परिणाम हासिल करने की साझा मंशा साफ दिखी। उन्होंने विभाग को “डिपार्टमेंट ऑफ वॉर” कहते हुए कहा कि दुनिया भले ही जटिल और कभी-कभी खतरनाक हो, लेकिन ओपनएआई मानवता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।
ऑल्टमैन ने जोर देकर कहा कि एआई सुरक्षा और लाभों का व्यापक वितरण ओपनएआई के मिशन के केंद्र में है। कंपनी के दो प्रमुख सुरक्षा सिद्धांत हैं—घरेलू स्तर पर व्यापक निगरानी (मास सर्विलांस) पर रोक और बल प्रयोग की जिम्मेदारी हमेशा मनुष्यों के पास रहना, जिसमें स्वायत्त हथियार प्रणालियां भी शामिल हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पेंटागन के साथ हुए इस समझौते में इन सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं किया गया है। उनके अनुसार, रक्षा विभाग भी अपने कानूनों और नीतियों के माध्यम से इन्हीं सिद्धांतों का पालन करता है और इन्हें अंतिम समझौते में शामिल किया गया है।
इस व्यवस्था के तहत ओपनएआई अपने मॉडलों के सुरक्षित और अपेक्षित व्यवहार को सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी सुरक्षा उपाय विकसित करेगा। साथ ही, मॉडल के सुरक्षित उपयोग के लिए फील्ड डिप्लॉयमेंट इंजीनियर भी तैनात किए जाएंगे। ये मॉडल केवल सुरक्षित क्लाउड नेटवर्क पर ही संचालित होंगे।
पेंटागन का यह फैसला एंथ्रोपिक के साथ सार्वजनिक मतभेदों के बाद आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, रक्षा विभाग एआई टूल्स के व्यापक सैन्य उपयोग का पक्षधर था—जिसमें हथियार विकास, खुफिया जानकारी जुटाना और युद्धक्षेत्र संचालन जैसे संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं। वहीं, एंथ्रोपिक पूरी तरह स्वायत्त हथियारों और अमेरिकियों की बड़े पैमाने पर निगरानी को लेकर सख्त सीमाएं चाहता था।
With inputs from IANS