फोनपे का मर्चेंट नेटवर्क 4.7 करोड़ कारोबारियों तक पहुंचा, DRHP में आय के विविध स्रोतों का खुलासाBy Admin Fri, 06 March 2026 04:31 PM

नई दिल्ली। फोनपे लिमिटेड अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की तैयारी कर रही है। इस बीच कंपनी के अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में उसके विशाल मर्चेंट नेटवर्क और उससे होने वाली आय के विविध स्रोतों का खुलासा हुआ है।

कंपनी की मर्चेंट सेवाएं अब “फ्री” नहीं रह गई हैं, बल्कि यह 4.7 करोड़ से अधिक कारोबारियों और लाखों फिजिकल पेमेंट डिवाइस के जरिए अरबों रुपये का राजस्व पैदा करने वाला मजबूत तंत्र बन चुकी हैं।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, फोनपे ने भारतीय बाजार में लगभग पूर्ण कवरेज हासिल कर ली है।

30 सितंबर 2025 तक फोनपे के पंजीकृत मर्चेंट्स की संख्या 4.71 करोड़ (47.19 मिलियन) तक पहुंच गई, जो देश के कुल पिन कोड में से 98.61 प्रतिशत को कवर करती है। वहीं 31 मार्च 2025 तक यह संख्या भारत के कुल व्यापार और सेवा क्षेत्र के 77 से 80 प्रतिशत कारोबारियों का प्रतिनिधित्व करती थी।

मार्च 2025 तक मासिक सक्रिय मर्चेंट्स की संख्या 1.13 करोड़ (11.31 मिलियन) रही, जो देश के कुल सक्रिय यूपीआई मर्चेंट्स का लगभग 54 प्रतिशत है।

दैनिक सक्रिय मर्चेंट्स की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। सितंबर 2025 तक यह मासिक सक्रिय मर्चेंट्स का 60.77 प्रतिशत हो गई, जबकि मार्च 2023 में यह आंकड़ा 44.18 प्रतिशत था।

फोनपे का फिजिकल नेटवर्क उसके स्थायी सब्सक्रिप्शन राजस्व का एक बड़ा आधार है। कंपनी के 9.19 मिलियन से अधिक डिवाइस फिलहाल बाजार में इस्तेमाल हो रहे हैं। इनमें स्मार्टस्पीकर सिर्फ भुगतान उपकरण नहीं हैं, बल्कि कारोबारियों तक व्यापार संबंधी अपडेट और अलर्ट पहुंचाने का माध्यम भी बन गए हैं।

इस बड़े नेटवर्क को संभालने के लिए कंपनी के पास 25,657 कर्मचारियों की फील्ड टीम और 31,000 से अधिक कमीशन एजेंट हैं, जो खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार पर काम कर रहे हैं।

DRHP में जिस क्षेत्र में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है, वह है मर्चेंट लेंडिंग। फोनपे अपने 4.7 करोड़ कारोबारियों के लेनदेन के आंकड़ों का उपयोग करके साझेदार ऋणदाताओं को बिना गारंटी वाले कर्ज के लिए क्रेडिट इनसाइट्स उपलब्ध कराता है।

कर्ज वितरण में तेज उछाल देखा गया है। यह वित्त वर्ष 2023 में 0.11 अरब रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 45.07 अरब रुपये तक पहुंच गया। वहीं वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में ही लेंडिंग से कंपनी की आय 2,880.87 मिलियन रुपये हो गई, जो पिछले पूरे वित्त वर्ष की आय का लगभग 88 प्रतिशत है।

मर्चेंट पेमेंट्स सेगमेंट ने अकेले वित्त वर्ष 2025 में 19,910.36 मिलियन रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो कंपनी के कुल परिचालन राजस्व का करीब 28 प्रतिशत है।

मर्चेंट टोटल पेमेंट वैल्यू (TPV) सालाना 15 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने के साथ ही फोनपे ने अपने विशाल पेमेंट नेटवर्क को एक मजबूत और उच्च मूल्य वाली वित्तीय सेवा प्लेटफॉर्म में बदलने में सफलता हासिल की है।

 

With inputs from IANS