100% एथेनॉल पर चलने वाली देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार लॉन्च, मारुति ने पेश की नई वैगनआरBy Admin Thu, 04 June 2026 03:16 PM

नई दिल्ली। Maruti Suzuki India Limited ने गुरुवार को भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल का अनावरण किया। यह कार 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने में सक्षम है और देश में स्वच्छ तथा वैकल्पिक ईंधन आधारित परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

नई वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल E20 से लेकर E100 तक के एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चल सकती है। इसके साथ ही यह भारत की पहली बड़े पैमाने पर निर्मित यात्री कार बन गई है, जिसे 100 प्रतिशत एथेनॉल पर संचालन के लिए विकसित किया गया है।

कंपनी के अनुसार, यह पहल देश की पेट्रोल पर निर्भरता कम करने और परिवहन क्षेत्र में जैव-ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने की राष्ट्रीय रणनीति के अनुरूप है।

लॉन्च कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सरकार स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकार वैकल्पिक ईंधन नीति के तहत डीजल में 15 प्रतिशत आइसोब्यूटेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है।

गडकरी ने वाहन निर्माताओं से पुराने वाहनों को भी फ्लेक्स-फ्यूल अनुकूल बनाने और उन्हें कड़े उत्सर्जन मानकों के अनुरूप ढालने की अपील की। उनका मानना है कि इससे वायु प्रदूषण कम होगा और पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने के लिए चलाए जा रहे वाहन स्क्रैपेज कार्यक्रम को भी बल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग देश की आर्थिक वृद्धि का एक प्रमुख आधार बन चुका है और भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है, जो सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

इस अवसर पर कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी Hisashi Takeuchi ने बताया कि कंपनी संपीड़ित बायोगैस (CBG) परियोजनाओं में निवेश कर रही है और हाइड्रोजन ईंधन जैसी अन्य स्वच्छ प्रौद्योगिकियों पर भी काम कर रही है।

वहीं कंपनी के मार्केटिंग एवं सेल्स विभाग के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी Partho Banerjee ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में उद्योग में बिके कुल ग्रीन वाहनों में लगभग आधी हिस्सेदारी मारुति सुजुकी की रही है।

यह लॉन्च भारत में वैकल्पिक ईंधन आधारित वाहनों को बढ़ावा देने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

 

With inputs from IANS