
नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी Oil India Limited ने शुक्रवार को अंडमान के उथले अपतटीय (ऑफशोर) क्षेत्र में अपने तीसरे खोजी कुएं में प्राकृतिक गैस मिलने की घोषणा की। इस खोज को क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी का एक और महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
कंपनी के अनुसार, विजयपुरम-3 (Loc. OAEB) नामक यह खोजी कुआं ऑफशोर अंडमान ब्लॉक AN-OSHP-2018/1 में ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP) के तहत खोदा गया है। यह कुआं अंडमान द्वीपसमूह के पूर्वी तट से लगभग 15 किलोमीटर दूर और 355 मीटर गहरे समुद्री क्षेत्र में स्थित है।
ड्रिलिंग कार्य 1,900 मीटर से अधिक की गहराई तक ईओसीन (Eocene) संरचना में किया गया। कंपनी द्वारा शेयर बाजारों को दी गई जानकारी के अनुसार, कुएं के प्रारंभिक उत्पादन परीक्षण में प्राकृतिक गैस की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
परीक्षण के दौरान परफोरेशन के बाद लगातार गैस फ्लेयरिंग (गैस का नियंत्रित दहन) देखी गई, जबकि कुएं में तत्काल दबाव वृद्धि दर्ज की गई और इसके बाद गैस का उत्पादन शुरू हो गया।
कंपनी ने कहा कि खोजी गई गैस के रासायनिक संघटन और ऊष्मीय क्षमता (कैलोरिफिक वैल्यू) का आकलन करने के लिए गैस के नमूनों की जांच की जा रही है। साथ ही, हाइड्रोकार्बन की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए आइसोटोप अध्ययन भी किया जा रहा है।
यह अंडमान अपतटीय ब्लॉक में हाइड्रोकार्बन की दूसरी पुष्टि है। इससे पहले सितंबर 2025 में दूसरे खोजी कुएं विजयपुरम-2 (Loc. OAEA) में भी प्राकृतिक गैस की खोज हुई थी।
अब तक इस ब्लॉक में खोदे गए तीन खोजी कुओं में से दो में हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। कंपनी का मानना है कि यह नवीनतम खोज क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन के स्रोत, उनके प्रवाह मार्ग और संभावित भंडार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगी।
ऑयल इंडिया के अनुसार, यह खोज भविष्य की अन्वेषण रणनीति को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगी तथा अंडमान क्षेत्र में ऊर्जा संसाधनों की संभावनाओं को मजबूत आधार प्रदान करेगी।
With inputs from IANS