भारत में स्टारलिंक की मंजूरी पर रोक की खबर गलत, सरकार से बातचीत जारी: कंपनीBy Admin Wed, 10 June 2026 04:17 PM

नई दिल्ली: एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि भारत सरकार ने उसकी सेवाओं को मंजूरी देने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसकी सरकार के साथ बातचीत लगातार जारी है और उसे अपने भारत संबंधी प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशंस की उपाध्यक्ष लॉरेन ड्रेयर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि भारत में कंपनी की मंजूरी प्रक्रिया को रोकने संबंधी रिपोर्ट भ्रामक और अपुष्ट स्रोतों पर आधारित है।

उन्होंने कहा, "स्टारलिंक भारत सरकार के साथ सक्रिय और सकारात्मक बातचीत कर रही है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में किए गए दावे तथ्यहीन हैं और अनाम स्रोतों पर आधारित हैं।"

ड्रेयर के अनुसार, कंपनी ने भारत में संचालन शुरू करने के लिए सभी नियामकीय और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का पालन किया है तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम किया है।

उन्होंने बताया कि स्टारलिंक ने भारत की तकनीकी संप्रभुता, नियामकीय ढांचे और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक विशेष तैनाती मॉडल भी तैयार किया है।

ड्रेयर ने कहा, "हमें स्टारलिंक की क्षमताओं और विशेष रूप से दूरदराज एवं कम सेवा वाले क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने की संभावनाओं को लेकर केवल उत्साहजनक प्रतिक्रिया ही मिली है।"

उन्होंने यह भी दोहराया कि कंपनी भारत के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सरकार के साथ मिलकर जल्द से जल्द अपनी सेवाएं शुरू करने की दिशा में काम कर रही है।

गौरतलब है कि स्टारलिंक ने भारत में सैटेलाइट संचार सेवाएं प्रदान करने के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन किया हुआ है। कंपनी को सरकार से लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) भी मिल चुका है, लेकिन व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने के लिए अंतिम नियामकीय मंजूरी का इंतजार है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब स्टारलिंक की मूल कंपनी [SpaceX](https://www.spacex.com?utm_source=chatgpt.com) कथित तौर पर इतिहास के सबसे बड़े आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की तैयारी कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी की नैस्डैक लिस्टिंग लगभग 1.75 ट्रिलियन डॉलर के मूल्यांकन पर हो सकती है।

स्टारलिंक का कहना है कि भारत उसके लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और वह देश में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए अपनी सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर आशावान है।
 

 

With inputs from IANS