




मंगलुरु। Mangaluru International Airport ने रनवे-24 के लिए प्रिसिजन अप्रोच लाइटिंग (पीएएल) कैटेगरी-I सिस्टम को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। इस प्रणाली को Directorate General of Civil Aviation (डीजीसीए) की मंजूरी मिलने के बाद लागू किया गया। इसके साथ ही मंगलुरु एयरपोर्ट एशिया का दूसरा और दुनिया के चुनिंदा हवाई अड्डों में शामिल हो गया है, जहां इस तरह की उन्नत लैंडिंग सुविधा उपलब्ध है।
यह नई व्यवस्था हवाई अड्डे पर विमान संचालन की सुरक्षा और लैंडिंग की सटीकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। पीएएल कैटेगरी-I सिस्टम विशेष रूप से कम दृश्यता की परिस्थितियों में पायलटों को लैंडिंग के अंतिम चरण में बेहतर दृश्य मार्गदर्शन प्रदान करता है, जो टेबलटॉप एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील हवाई अड्डों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

Adani Enterprises की सहायक कंपनी मंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने कहा कि इस तकनीक के शुरू होने से सुरक्षित, भरोसेमंद और अधिक दक्ष विमान संचालन को बढ़ावा मिलेगा तथा नियामकीय मानकों का भी बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होगा।
एयरपोर्ट के प्रवक्ता के अनुसार, यह परियोजना विमानन सुरक्षा को मजबूत करने और यात्रियों का भरोसा बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में एयरपोर्ट की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


भारत में अपनी तरह की इस अनूठी परियोजना के तहत एयरफील्ड लाइटिंग इंटेलिजेंट मैनेजमेंट सिस्टम (एएलआईएमएस) से लैस विशेष टावर स्थापित किए गए हैं, जो रनवे की सीमा से लगभग 900 मीटर तक फैले हुए हैं। इनमें से कई टावरों की ऊंचाई Qutub Minar से भी अधिक बताई गई है, जो इस परियोजना की इंजीनियरिंग जटिलता और व्यापकता को दर्शाती है।
कंपनी के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान शून्य दुर्घटना का रिकॉर्ड कायम रखा गया, जो सुरक्षा मानकों और सुनियोजित क्रियान्वयन का प्रमाण है।
यह नई प्रणाली रनवे लाइटिंग और अन्य सुरक्षा ढांचे में किए जा रहे सुधारों के साथ मिलकर मंगलुरु एयरपोर्ट को भारत के सबसे सुरक्षित टेबलटॉप हवाई अड्डों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
With inputs from IANS
