गूगल ने भारत के एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए किए कई बड़े ऐलान, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्टार्टअप्स पर रहेगा फोकसBy Admin Tue, 14 July 2026 03:03 PM

बेंगलुरु: अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने मंगलवार को भारत में डेवलपर्स, स्टार्टअप्स, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी कई नई पहल और साझेदारियों की घोषणा की। कंपनी ने यह ऐलान बेंगलुरु में आयोजित गूगल आई/ओ कनेक्ट इंडिया 2026 सम्मेलन के दौरान किया।

गूगल ने एआई शिक्षा कार्यक्रमों, स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग, साइबर सुरक्षा पहलों और भारतीय उद्योगों के लिए अपने एआई मॉडल आधारित बुनियादी ढांचे के विस्तार की घोषणा की। कंपनी का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते एआई इकोसिस्टम को और मजबूत बनाना है।

गूगल ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में उसके गूगल प्ले स्टोर और एंड्रॉयड इकोसिस्टम ने भारत में ऐप डेवलपर्स और व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए अनुमानित 5.3 लाख करोड़ रुपये (करीब 60 अरब डॉलर) का राजस्व उत्पन्न किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि गूगल ने सर्च, एंड्रॉयड, यूट्यूब, मैप्स और गूगल पे जैसे उत्पादों के माध्यम से भारत में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि गूगल ने शिक्षा, व्यापार, सरकारी सेवाओं और ज्ञान तक लोगों की पहुंच को नई दिशा दी है।

सम्मेलन के दौरान गूगल डीपमाइंड ने 'एआई रिसर्च फाउंडेशंस' नामक 56 घंटे का निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को बड़े भाषा मॉडल विकसित करने और उन्हें बेहतर बनाने का प्रशिक्षण देना है। यह कार्यक्रम नैसकॉम, भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) बेंगलुरु और अन्य संस्थानों के सहयोग से संचालित किया जाएगा।

गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने कहा कि भारत के डेवलपर्स दुनिया के कई देशों की तुलना में अधिक तेजी से एआई तकनीक को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से एआई के विस्तार के लिए आवश्यक तकनीकी ढांचा और सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराना है।

कंपनी ने अटल नवाचार मिशन के तहत शिक्षकों के लिए जेमिनी आधारित 'एटीएल साथी' नामक सहायक की भी घोषणा की। शुरुआती चरण में इसे देश के 100 स्कूलों में शुरू किया जाएगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में गूगल ने बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के शोधकर्ता उसके मेडजेम्मा ओपन एआई मॉडल का उपयोग कर कुष्ठ रोग तथा यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े भारत-केंद्रित एआई उपकरण विकसित कर रहे हैं। इन मॉडलों को बाद में देश के डेवलपर समुदाय के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अलावा, गूगल ने घोषणा की कि उसका जेमिनी लाइव अब संस्कृत, भोजपुरी और मैथिली सहित 25 भारतीय भाषाओं और बोलियों का समर्थन करता है, जिससे अधिक लोगों तक एआई आधारित सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।

 

With inputs from IANS