
नई दिल्ली। भारत ने शनिवार को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया। हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपने पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' का मिशन 'आगमन' के तहत सफल प्रक्षेपण किया। इसके साथ ही भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा देश बन गया, जहां कोई निजी कंपनी उपग्रहों को कक्षा में भेजने में सक्षम ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने में सफल रही है।
यह ऐतिहासिक प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी-शार) के पहले प्रक्षेपण परिसर से किया गया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के इस लॉन्च पैड से उड़ान भरने वाला यह मिशन भारत के तेजी से विकसित हो रहे निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
लॉन्च के तुरंत बाद स्काईरूट एयरोस्पेस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, "लिफ्ट-ऑफ! विक्रम-1 ने श्रीहरिकोटा से सफल उड़ान भर ली है। भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट अब अंतरिक्ष की ओर बढ़ चुका है। आज इतिहास रचा जा रहा है।"
कंपनी ने आगे बताया, "उड़ान के 10 सेकंड बाद विक्रम-1 ने लॉन्च टावर को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है।"
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में इस रॉकेट का नाम 'विक्रम-1' रखा गया है। चार चरणों वाले इस प्रक्षेपण यान को छोटे उपग्रहों को कम समय में और आवश्यकता के अनुसार पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने के लिए विकसित किया गया है।
करीब सात मंजिला ऊंचाई वाला यह रॉकेट लगभग 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित निम्न पृथ्वी कक्षा (लो अर्थ ऑर्बिट) की ओर बढ़ा। इस सफल प्रक्षेपण के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जहां निजी कंपनियों ने ऑर्बिटल लॉन्च क्षमता का सफल प्रदर्शन किया है।
स्काईरूट एयरोस्पेस का दीर्घकालिक लक्ष्य अंतरिक्ष प्रक्षेपण को 'स्पेस कैब सेवा' जैसा आसान बनाना है, ताकि ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार उपग्रहों को निर्धारित कक्षा में भेजने के लिए समर्पित लॉन्च बुक कर सकें और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को अधिक तेज, लचीला और किफायती बनाया जा सके।
'मिशन आगमन' स्काईरूट का दूसरा अंतरिक्ष मिशन है। इससे पहले नवंबर 2022 में कंपनी ने 'ऑपरेशन प्रारंभ' के तहत विक्रम-एस सबऑर्बिटल रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया था। वह भारत की धरती से अंतरिक्ष तक पहुंचने वाला पहला निजी रॉकेट था, जिसने देश में निजी अंतरिक्ष प्रक्षेपण क्षेत्र के विकास की नींव रखी।
मिशन के प्रक्षेपण से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत की अंतरिक्ष यात्रा में "ऐतिहासिक नया अध्याय" बताया था और स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को शुभकामनाएं दी थीं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर कहा था कि यह मिशन भारत के युवाओं की प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और उद्यमशीलता की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधारों से नवाचार और निजी उद्यमों के लिए नए अवसर लगातार खुल रहे हैं।
With inputs from IANS