भारत में शहरी परिवहन की तस्वीर बदल सकते हैं eVTOL विमान, जानिए कैसेBy Admin Mon, 20 July 2026 04:02 PM

नई दिल्ली। भारत के पहले इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) विमान के प्रोटोटाइप के अनावरण के साथ ऐसी अत्याधुनिक तकनीक चर्चा में आ गई है, जो भविष्य में शहरों के परिवहन तंत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। यह विमान सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक से ऊपर उड़ान भरकर कम दूरी की यात्रा को तेज, सुविधाजनक और अधिक प्रभावी बना सकता है।

इस महीने आईआईटी मद्रास से जुड़े स्टार्टअप 'द ईप्लेन कंपनी' ने eVTOL विमान का प्रोटोटाइप पेश किया। यह विमान हेलीकॉप्टर की तरह सीधे ऊपर उठकर उड़ान भर सकता है और फिर सामान्य विमान की तरह आगे की दिशा में उड़ान भरता है।

कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2028 तक इसकी व्यावसायिक सेवाएं शुरू करना है। शुरुआत में इसका उपयोग एयर एम्बुलेंस सेवाओं के लिए किया जाएगा, जिसके बाद इसे यात्री परिवहन के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा।

पारंपरिक हेलीकॉप्टर एक या दो बड़े ईंधन चालित रोटर पर निर्भर होते हैं, जबकि eVTOL विमान बैटरी से संचालित कई इलेक्ट्रिक प्रोपेलरों का उपयोग करते हैं। इस प्रणाली से शोर कम होने, ऊर्जा दक्षता बढ़ने और सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है। यदि किसी एक मोटर में खराबी भी आ जाए, तो अन्य मोटर विमान को सुरक्षित रूप से उड़ाने में सक्षम होंगी।

इन विमानों को लंबे रनवे की आवश्यकता नहीं होती। ये छोटे-छोटे लैंडिंग स्थलों, जिन्हें 'वर्टीपोर्ट' कहा जाता है, से भी उड़ान भर सकते हैं। यही कारण है कि ये हवाई अड्डे तक आने-जाने, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और शहर के भीतर कम दूरी की यात्रा के लिए बेहद उपयोगी माने जा रहे हैं।

'द ईप्लेन कंपनी' ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि उसका e200X PT-01 प्रोटोटाइप कार्यक्रम अब छोटे मॉडल से आगे बढ़कर 2.2 टन वजन वाले पूर्ण आकार के विमान के चरण में पहुंच गया है।

कंपनी के अनुसार, यह उपलब्धि पांच वर्षों के अनुसंधान, इंजीनियरिंग और परीक्षण का परिणाम है। इस दौरान 2021 में ATVA और 2023 में भारी भार वहन करने वाले e50 सहित कई छोटे प्रोटोटाइप उड़ाए गए, जिन्होंने मिलकर 10,000 किलोमीटर से अधिक का परीक्षण उड़ान रिकॉर्ड बनाया।

कंपनी ने बताया कि नए प्रोटोटाइप में कार्बन फाइबर एयरफ्रेम, 800 वोल्ट हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रिक पावरट्रेन, एनवीडिया IGX थॉर कंप्यूटिंग हार्डवेयर और हेंसोल्ट एवियोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। वर्तमान में आईआईटी मद्रास स्थित 60,000 वर्ग फुट के परीक्षण केंद्र में इसका संरचित ग्राउंड टेस्ट चल रहा है, जिसके बाद उड़ान परीक्षण शुरू किए जाएंगे।

इस वर्ष की शुरुआत में इंटरनेशनल क्रिटिकल एयर ट्रांसफर टीम (ICATT) ने 'द ईप्लेन कंपनी' के साथ 788 eVTOL एयर एम्बुलेंस खरीदने के लिए समझौता किया था। यह समझौता भारत में भविष्य के हवाई चिकित्सा परिवहन नेटवर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

With inputs from IANS