
भारत सरकार ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म गिटहब (GitHub) को विकेंद्रीकृत मैसेजिंग एप्लिकेशन 'बिटचैट' (Bitchat) से जुड़ी रिपोजिटरीज को हटाने का निर्देश दिया है। सरकार को आशंका है कि इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कानूनी निगरानी से बचने और गैर-कानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।
बिटचैट के डेवलपर जैक डॉर्सी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर गृह मंत्रालय की साइबर अपराध शाखा—'भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र' (I4C)—द्वारा जारी नोटिस को साझा करते हुए इसकी जानकारी दी। नोटिस के अनुसार, गिटहब को चिन्हित रिपोजिटरीज तक पहुंच को तीन घंटे के भीतर ब्लॉक करने के लिए कहा गया था।
नोटिस में बताया गया है कि बिटचैट बिना मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट या सेंट्रलाइज्ड सर्वर के ब्लूटूथ मेश नेटवर्क के जरिए पीयर-टू-पीयर (P2P) मैसेजिंग की सुविधा देता है। इस वजह से सुरक्षा एजेंसियों के लिए संदेशों को ट्रैक करना और जांच करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
खुफिया इनपुट के अनुसार, दिल्ली में चल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान इंटरनेट निलंबन के बीच इस टूल का दुरुपयोग गैर-कानूनी सभाएं आयोजित करने, अफवाहें फैलाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए किया जा सकता था। व्हाट्सएप या टेलीग्राम के विपरीत, बिटचैट में यूजर रजिस्ट्रेशन की भी जरूरत नहीं होती है, जिससे इसे मॉनिटर करना असंभव हो जाता है।
With inputs from IANS