एआई अपनाने में भारतीय कंपनियां आगे, लेकिन कार्यस्थलों में बदलाव की रफ्तार धीमी: रिपोर्टBy Admin Tue, 28 July 2026 01:43 PM

नई दिल्ली — भारतीय कंपनियां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को अपनाने की दिशा में दुनिया के कई देशों से आगे हैं, लेकिन कार्यस्थलों और परिचालन में इसके अनुरूप बदलाव करने की गति अभी भी धीमी बनी हुई है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 77 प्रतिशत भारतीय कारोबारी नेताओं का मानना है कि एआई के बढ़ते उपयोग के साथ ऑफिस स्पेस और कामकाज के तरीकों में बदलाव जरूरी होगा, जबकि अब तक केवल 19 प्रतिशत कंपनियों ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।

रियल एस्टेट सेवा कंपनी जेएलएल (JLL) की रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नई रोजगार संभावनाएं पैदा करेगा। हालांकि, बदलाव की राह में सबसे बड़ी चुनौती अब धन की कमी नहीं, बल्कि कुशल मानव संसाधन की कमी बन गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 58 प्रतिशत भारतीय कंपनियों को अगले तीन से पांच वर्षों में अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, 62 प्रतिशत कारोबारियों का मानना है कि एआई इंसानों की भूमिका को समाप्त करने के बजाय उसे और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगा।

यह सर्वे 21 देशों के 2,200 से अधिक सीईओ, सीएफओ और रियल एस्टेट प्रमुखों के बीच किया गया। इसमें पाया गया कि कार्यालयों की योजना और संचालन में एआई के इस्तेमाल के मामले में भारतीय कंपनियां वैश्विक औसत से आगे हैं। एआई से जुड़े आठों प्रमुख मानकों पर भारत का प्रदर्शन वैश्विक औसत से बेहतर रहा।

जेएलएल के वेस्ट एशिया क्षेत्र में वर्क डायनेमिक्स अकाउंट्स के प्रबंध निदेशक अजीत कुमार ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है जब 46 प्रतिशत भारतीय कंपनियों ने कौशल की कमी को सबसे बड़ी बाधा बताया, जबकि केवल 35 प्रतिशत ने बजट को प्रमुख चुनौती माना। उनके अनुसार, यह सकारात्मक संकेत है क्योंकि कौशल का विकास प्रशिक्षण और नई भर्ती के जरिए अपेक्षाकृत आसानी से किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि जो कंपनियां इसे बजट की समस्या मानने के बजाय कौशल विकास की चुनौती के रूप में देखेंगी और एआई से जुड़े प्रशिक्षण व बुनियादी ढांचे में निवेश करेंगी, वही आने वाले दशक में भारत के कार्यस्थलों में बदलाव की दिशा तय करेंगी।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत की 56 प्रतिशत कंपनियां नियमित रूप से एआई से जुड़े रुझानों पर नजर रखती हैं, जबकि वैश्विक औसत 46 प्रतिशत है। इसी तरह, 45 प्रतिशत भारतीय कंपनियां कर्मचारियों के लिए एआई प्रशिक्षण और परिवर्तन संबंधी कार्यक्रम चला रही हैं, जबकि दुनिया भर में यह औसत 36 प्रतिशत है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत की 19 प्रतिशत कंपनियां अपने रियल एस्टेट परिचालन में एआई के सबसे उन्नत स्तर तक पहुंच चुकी हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 15 प्रतिशत है। इसके अलावा, 47 प्रतिशत भारतीय कंपनियां एआई के व्यापक उपयोग को लागू करने की प्रक्रिया में हैं, जबकि दुनिया का औसत 42 प्रतिशत है।

 

With inputs from IANS