जोहो के मैसेजिंग ऐप 'अरट्टई' में आधार आधारित वेरिफिकेशन फीचर, फर्जी प्रोफाइल पर लगेगी रोकBy Admin Wed, 29 July 2026 11:25 AM

नई दिल्ली। जोहो कॉर्पोरेशन के इंस्टेंट मैसेजिंग और वीओआईपी कॉलिंग ऐप अरट्टई (Arattai) ने उपयोगकर्ताओं की पहचान को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आधार-आधारित वैकल्पिक वेरिफिकेशन फीचर लॉन्च किया है। कंपनी का कहना है कि इस सुविधा का उद्देश्य फर्जी पहचान (इम्पर्सोनेशन) और डिजिटल धोखाधड़ी की कोशिशों पर अंकुश लगाना है।

इस नए फीचर के तहत उपयोगकर्ता आधार ऐप के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित कर सकते हैं। सत्यापन पूरा होने पर उनके प्रोफाइल पर स्थायी ग्रीन वेरिफिकेशन बैज दिखाई देगा, जिससे अन्य लोग आसानी से वास्तविक और सत्यापित अकाउंट की पहचान कर सकेंगे। साथ ही, उपयोगकर्ता चाहें तो केवल सत्यापित प्रोफाइल से ही संदेश प्राप्त करने का विकल्प भी चुन सकते हैं, जिससे स्पैम संदेशों से बचाव होगा।

कंपनी के अनुसार, यह सुविधा एंड्रॉयड, आईओएस, विंडोज और मैक सभी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसे उपयोग करने के लिए प्रोफाइल सेटिंग्स में जाकर 'Get Verified' विकल्प चुनना होगा और आधार ऐप के जरिए सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

अरट्टई के ग्लोबल प्रोडक्ट हेड जेरी जॉन ने कहा कि इस वैकल्पिक आधार वेरिफिकेशन के जरिए उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल वातावरण मिलेगा, जबकि उनकी सुविधा और अनुभव पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे लोग अपनी शर्तों पर एक-दूसरे की पहचान सत्यापित कर सकेंगे।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक (ऑप्शनल) है और अरट्टई किसी भी उपयोगकर्ता का आधार विवरण अपने सर्वर पर संग्रहित नहीं करता।

यह नया फीचर अरट्टई की मौजूदा वेरिफिकेशन प्रणाली को और मजबूत करता है। वर्तमान में सामान्य सत्यापित खातों को ब्लू बैज, जबकि सरकारी विभागों और अधिकारियों के आधिकारिक खातों को ग्रे बैज दिया जाता है, ताकि उनकी फर्जी प्रोफाइल बनने से रोका जा सके।

साल 2021 में सॉफ्ट लॉन्च किए गए अरट्टई को पूरी तरह भारत में विकसित किया गया है। यह एक प्राइवेसी-फर्स्ट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है, जो उपयोगकर्ताओं की निगरानी, डेटा ट्रैकिंग या लक्षित विज्ञापनों पर निर्भर नहीं करता। ऐप हिंदी, गुजराती, ओड़िया और तमिल समेत 10 भारतीय भाषाओं का समर्थन करता है।

आधार वेरिफिकेशन के अलावा कंपनी ने कई नए सुरक्षा फीचर भी पेश किए हैं। इनमें व्यक्तिगत चैट और ब्रॉडकास्ट के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, गूगल ड्राइव और आईक्लाउड पर एन्क्रिप्टेड क्लाउड बैकअप, तथा 'हाइड फोन नंबर' फीचर शामिल है, जो सार्वजनिक ग्रुप में उपयोगकर्ताओं का मोबाइल नंबर छिपाकर उनकी निजता को और मजबूत बनाता है।

 

With inputs from IANS