

नई दिल्ली — चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल रोजगार बाजार के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है। AI तकनीक के व्यापक विस्तार के कारण कई क्षेत्रों में नौकरियां प्रभावित हो रही हैं, जिससे पहले से कमजोर श्रम बाजार को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
द गार्जियन की पत्रकार एमी हॉकिन्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, वुहान शहर में ड्राइवरलेस टैक्सियों की शुरुआत के बाद बड़ी संख्या में टैक्सी चालकों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा। हालांकि, कुछ स्वचालित टैक्सियों के बीच सड़क पर अचानक रुक जाने और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने के बाद जांच के लिए इस सेवा को अस्थायी रूप से वापस ले लिया गया, जिससे कुछ चालकों को दोबारा काम मिल सका।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अब केवल टैक्सी चालक ही नहीं, बल्कि कई व्हाइट-कॉलर कर्मचारी भी AI की वजह से अपनी नौकरियां गंवा रहे हैं। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार घटने की आशंकाएं और गहरा गई हैं।
जुलाई में शंघाई में आयोजित विश्व AI सम्मेलन में Xi Jinping ने कहा था कि AI को "साझा समृद्धि और सामूहिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम" बनना चाहिए। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, यह लक्ष्य ऐसे समय में आगे बढ़ाया जा रहा है जब चीन का श्रम बाजार पहले से ही दबाव में है।

रिपोर्ट के अनुसार, चीन में बेरोजगारी के साथ-साथ करोड़ों लोग स्थायी नौकरियां छोड़कर गिग इकोनॉमी की ओर बढ़ रहे हैं। एक थिंक टैंक के अनुमान के मुताबिक, इस वर्ष लचीले रोजगार (फ्लेक्सिबल एम्प्लॉयमेंट) में काम करने वालों की संख्या बढ़कर 32 करोड़ तक पहुंच सकती है, जो 2019 में 16 करोड़ थी। यह चीन के कुल कार्यबल का लगभग 44 प्रतिशत होगा।
रियल एस्टेट और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में मंदी आने के बाद बड़ी संख्या में लोग आजीविका के लिए राइड-हेलिंग सेवाओं से जुड़े। लेकिन अब AI आधारित रोबोटैक्सी सेवाओं का विस्तार उनकी आजीविका के लिए भी खतरा बनता जा रहा है।
हाल के महीनों में चीन की अदालतों ने कुछ ऐसे व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों के पक्ष में मुआवजे के फैसले दिए हैं, जिन्हें कंपनियों ने AI अपनाने के लिए नौकरी से निकाल दिया था। इसके बावजूद कर्मचारियों में यह डर बना हुआ है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से भविष्य में रोजगार के अवसर लगातार कम हो सकते हैं।
रिपोर्ट में बीजिंग के सिनेमैटोग्राफर तियान जेमिन का भी जिक्र किया गया है, जिन्होंने करीब 20 वर्षों तक फिल्म उद्योग में काम किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "मैंने सिनेमैटोग्राफर बनने के लिए छह साल तक कड़ी मेहनत की, लेकिन आखिरकार मेरी जगह एक सॉफ्टवेयर ने ले ली।"
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन में निजी क्षेत्र पर सरकार का मजबूत नियंत्रण होने के कारण AI से होने वाले रोजगार संकट को अमेरिका की तुलना में बेहतर ढंग से संभालने की क्षमता है। सरकार कंपनियों को भर्ती संबंधी निर्देश भी दे सकती है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसे कदम शायद उन नौकरियों को बचाने के लिए समय पर न उठाए जा सकें, जो फिलहाल तेजी से समाप्त हो रही हैं।
With inputs from IANS