ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई का सपना होगा आसान, ‘AAERI Verify’ से DigiLocker पर कागजरहित दस्तावेज सत्यापनBy Admin Sat, 08 August 2026 05:12 PM







नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करने वाले भारतीय छात्रों के लिए दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया अब काफी आसान और तेज होने जा रही है। सरकार ने शनिवार को **‘AAERI Verify’** नामक एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की, जिसके जरिए छात्र DigiLocker पर अपने शैक्षणिक, पहचान और वित्तीय दस्तावेज ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों के साथ सुरक्षित तरीके से साझा कर सकेंगे।

सरकार के अनुसार, ‘AAERI Verify’ एक **स्रोत-सत्यापित प्रमाणीकरण प्लेटफॉर्म** है, जिसे ऑस्ट्रेलिया के उच्च शिक्षा संस्थानों में भारतीय छात्रों के दस्तावेजों की जांच को सरल और भरोसेमंद बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए छात्र सीधे अधिकृत संस्थानों द्वारा जारी, प्रमाणित डिजिटल दस्तावेज साझा कर सकेंगे। इससे कागजी दस्तावेजों और लंबे मैनुअल सत्यापन पर निर्भरता कम होगी।

यह प्लेटफॉर्म इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत काम करने वाले **नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD)** और **एसोसिएशन ऑफ ऑस्ट्रेलियन एजुकेशन रिप्रेजेंटेटिव्स इन इंडिया (AAERI)** की साझेदारी से तैयार किया गया है।

DigiLocker के साथ सीधे एकीकृत यह प्लेटफॉर्म छात्रों को **सुरक्षित, कागजरहित और उनकी सहमति पर आधारित दस्तावेज सत्यापन** की सुविधा देगा। ‘AAERI Verify’ को यहां आयोजित AAERI के वार्षिक सम्मेलन के दौरान आधिकारिक तौर पर पेश किया गया।

नई डिजिटल व्यवस्था में पहले की धीमी और मैनुअल प्रक्रिया को दो चरणों वाले सत्यापन तंत्र से बदला गया है—**Student Check और Sponsor Check**।

**Student Check** विश्वविद्यालय में आवेदन शुरू होने से पहले किया जाएगा। वहीं, छात्र को प्रवेश का प्रस्ताव मिलने के तुरंत बाद **Sponsor Check** के जरिए उसकी वित्तीय क्षमता और प्रायोजक से जुड़े दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जाएगी।

सरकार ने कहा कि छात्र की स्पष्ट सहमति मिलने के बाद DigiLocker ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों को मूल जारीकर्ता संस्थानों से सीधे डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित रिकॉर्ड उपलब्ध कराएगा। इससे फर्जी दस्तावेजों के जोखिम को कम करने के साथ-साथ छात्रों की डेटा गोपनीयता सुरक्षित रखने और आवेदन प्रक्रिया में लगने वाले समय को काफी घटाने में मदद मिलेगी।

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कार्यक्रम के दौरान NeGD के निदेशक जेएल गुप्ता ने भारत के **डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI)** को विकसित करने और उसे लागू करने में NeGD की भूमिका पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

NeGD, MeitY के तहत स्थापित एक स्वतंत्र बिजनेस डिवीजन है, जो बड़े स्तर की परियोजनाओं के प्रबंधन, नीतिगत ढांचा तैयार करने और तकनीकी मूल्यांकन जैसे कार्यों में सहयोग करता है। यह देश के विभिन्न वैधानिक संगठनों के डिजिटल वर्कफ्लो को भी समर्थन देता है, जिनमें **संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), विदेश मंत्रालय (MEA) और नीति आयोग** सहित कई संस्थान शामिल हैं।

DigiLocker, NeGD के तहत भारत की प्रमुख डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पहलों में से एक है। यह नागरिकों को अधिकृत संस्थानों द्वारा जारी प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से रखने, साझा करने और सत्यापित करने के लिए सहमति-आधारित डिजिटल वॉलेट उपलब्ध कराता है।

सरकार के मुताबिक, DigiLocker के **72 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता** हैं। इसके जरिए अधिकृत संस्थानों द्वारा जारी डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेजों को सुरक्षित तरीके से जारी करने, संग्रहित करने, साझा करने और रियल-टाइम में सत्यापित करने की सुविधा मिलती है।

 

With inputs from IANS

 

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