चांद पर इंसानी बस्ती की दिशा में भारत-अमेरिका की बड़ी पहल, NASA ने ISRO को Moon Base कार्यक्रम से जुड़ने का दिया न्योताBy Admin Wed, 12 August 2026 07:23 PM

भारत और अमेरिका ने अंतरिक्ष सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी **NASA ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को अपने Moon Base कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।** यह पहल दोनों देशों के बीच गहरे होते अंतरिक्ष सहयोग, खासकर चंद्र अन्वेषण और मानव अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में, महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अमेरिका के भारत में राजदूत **सर्जियो गोर** ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु में इस महीने की शुरुआत में हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के दौरान मानव अंतरिक्ष उड़ान, वैज्ञानिक अनुसंधान, चंद्र मिशन और वाणिज्यिक अंतरिक्ष गतिविधियों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

**5 और 6 अगस्त को ISRO मुख्यालय में हुई दो दिवसीय बैठक** में ISRO, NASA और अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य मौजूदा संयुक्त परियोजनाओं की समीक्षा करने के साथ-साथ भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करना था।

गोर ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि NASA ने ISRO को अपने Moon Base कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने इसे अमेरिका-भारत के **डीप-स्पेस सहयोग को और मजबूत करने वाला कदम** बताया।

यह प्रस्ताव **Artemis Accords** के तहत दोनों देशों के सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। Artemis Accords का उद्देश्य चंद्रमा और उससे आगे शांतिपूर्ण अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए विभिन्न देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। दोनों देशों ने Artemis framework के तहत खुले वैज्ञानिक आंकड़ों को साझा करने पर बातचीत जारी रखने और अंतरिक्ष विज्ञान, उन्नत तकनीक तथा मानव अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में नए अवसर तलाशने पर भी सहमति जताई।

भारत और अमेरिका का सहयोग हाल में सफलतापूर्वक लॉन्च किए गए **NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar (NISAR)** मिशन से भी मजबूत हुआ है। यह संयुक्त मिशन पृथ्वी की सतह में होने वाले बदलावों की निगरानी करने के साथ प्राकृतिक आपदाओं, पारिस्थितिकी तंत्र और पर्यावरणीय बदलावों के अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक, दोनों देश NISAR की सफलता के आधार पर **भविष्य के संयुक्त अंतरिक्ष मिशनों और नई अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों** पर भी काम करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

बैठक में अंतरिक्ष की दीर्घकालिक स्थिरता और जिम्मेदार उपयोग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। भारत और अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र की **Committee on the Peaceful Uses of Outer Space (COPUOS)** के तहत विकसित दिशानिर्देशों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने अंतरिक्ष में जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देने और वैश्विक अंतरिक्ष शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए चल रहे बहुपक्षीय प्रयासों की भी समीक्षा की।

NASA का ISRO को Moon Base कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण ऐसे समय आया है जब भारत अपने **मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम और चंद्र अन्वेषण क्षमताओं** को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। यदि यह सहयोग आगे बढ़ता है, तो भारत को भविष्य के चंद्र अभियानों और दीर्घकालिक मानव उपस्थिति से जुड़े अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में और बड़ी भूमिका मिल सकती है।
 

 

With inputs from IANS