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भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) सर्च तेजी से उपभोक्ताओं की खरीदारी प्रक्रिया का हिस्सा बन रहा है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में होने वाली खरीदारी की 22 प्रतिशत यात्राओं में LLM सर्च का इस्तेमाल हो रहा है और जिन खरीदारी यात्राओं में उपभोक्ता LLM की मदद लेते हैं, उनमें 65 प्रतिशत मामलों में यह अंतिम ब्रांड चयन को प्रभावित करता है।
बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में खरीदारी के दौरान LLM के इस्तेमाल की 22 प्रतिशत दर एशिया के अध्ययन किए गए चार प्रमुख बाजारों—भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया—में सबसे अधिक है। यह जापान की 5 प्रतिशत दर से करीब चार गुना ज्यादा है।
भारत में LLM सर्च की पहुंच अब सोशल मीडिया के भी करीब पहुंच रही है। सोशल मीडिया 29 प्रतिशत के साथ ब्रांड और उत्पाद खोज का प्रमुख माध्यम बना हुआ है। ऐसे में LLM आधारित सर्च का तेजी से बढ़ना मार्केटर्स के लिए डिजिटल उपभोक्ता व्यवहार में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
BCG ने भारत समेत चार एशियाई बाजारों में LLM सर्च को सबसे तेजी से उभरने वाले टचपॉइंट्स में शामिल किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहले ही पहुंच के लिहाज से शीर्ष पांच टचपॉइंट्स में जगह बना चुका है और टीवी, रेडियो, प्रिंट मीडिया तथा बिलबोर्ड जैसे पारंपरिक माध्यमों से आगे निकल चुका है।
BCG में मार्केटिंग, सेल्स और प्राइसिंग की इंडिया लीडर और रिपोर्ट की सह-लेखक पारुल बजाज ने कहा कि ब्रांड यह मानकर नहीं चल सकते कि हर बाजार में LLM सर्च का प्रभाव एक ही गति से बढ़ेगा। किस बाजार में कितनी जल्दी और किस स्तर पर मौजूदगी जरूरी होगी, यह वहां के उपभोक्ता व्यवहार और LLM अपनाने की दर पर निर्भर करेगा। भारत इस बदलाव की तेज गति का एक उदाहरण है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चारों बाजारों में LLM सर्च का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं में 52 से 68 प्रतिशत तक ने कहा कि इस माध्यम ने उनके अंतिम ब्रांड चयन को प्रभावित किया। भारत में यह आंकड़ा 65 प्रतिशत रहा। खास बात यह है कि LLM का प्रभाव भारत में इसका इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के बीच सोशल मीडिया के 64 प्रतिशत प्रभाव से भी अधिक दर्ज किया गया।
इस बदलाव का एक और महत्वपूर्ण पहलू ब्रांड डिस्कवरी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि LLM की मदद से हुई आधी से अधिक खरीदारी यात्राओं में उपभोक्ताओं ने ऐसे ब्रांडों पर विचार किया, जिनके बारे में उन्हें पारंपरिक माध्यमों से शायद पता नहीं चलता। इससे कम पारंपरिक दृश्यता वाले ब्रांडों के लिए नए संभावित ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर बढ़ सकता है।
उपभोक्ताओं ने यह भी बताया कि AI से मिलने वाले जवाबों ने प्रायोजित विज्ञापनों के बीच सही विकल्प तलाशने की अनिश्चितता को कम करने में मदद की। उनके अनुसार, AI-generated answers उन्हें व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप, अपेक्षाकृत निष्पक्ष और पारदर्शी सिफारिशें उपलब्ध कराते हैं।
रिपोर्ट का संकेत साफ है कि उपभोक्ता अब केवल सोशल मीडिया पोस्ट, विज्ञापन या सर्च इंजन रिजल्ट के जरिए ही ब्रांड नहीं खोज रहे हैं। AI चैटबॉट और LLM द्वारा तैयार किए गए जवाब और सिफारिशें भी धीरे-धीरे खरीदारी के फैसले को प्रभावित करने वाले नए डिजिटल माध्यम के रूप में उभर रहे हैं।