स्पेसएक्स के स्टारशिप ने पहली बार हासिल की कक्षा, 26 Starlink V3 उपग्रह तैनातBy IANS Tue, 29 September 2026 04:14 PM

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स्पेसएक्स के स्टारशिप ने सोमवार को पहली बार पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर अंतरिक्ष अभियान में एक अहम उपलब्धि हासिल की। स्टारशिप की 14वीं परीक्षण उड़ान के दौरान 26 नई पीढ़ी के स्टारलिंक V3 उपग्रह भी कक्षा में तैनात किए गए। यह मिशन स्पेसएक्स के पूरी तरह पुन: उपयोग योग्य लॉन्च सिस्टम विकसित करने के प्रयासों में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हालांकि, उड़ान के शुरुआती चरण में एक तकनीकी चुनौती सामने आई। स्टारशिप के छह रैप्टर इंजनों में से एक इंजन उड़ान के दौरान बंद हो गया। इसके बाद मिशन कंट्रोल टीम ने वाहन के अन्य प्रणालियों और इंजनों के प्रदर्शन का आकलन किया। जांच के बाद इंजीनियरों ने मिशन को आगे बढ़ाने और स्टारशिप को कक्षा में भेजने का फैसला किया।

इसके बाद स्टारशिप ने एक रैप्टर इंजन को प्रज्वलित कर ऑर्बिटल इंसर्शन बर्न पूरा किया और पहली बार पृथ्वी की कक्षा में पहुंचा। इसके बाद उसने 26 Starlink V3 उपग्रहों को सफलतापूर्वक तैनात किया। स्पेसएक्स ने पुष्टि की कि सभी 26 उपग्रहों से संपर्क स्थापित हो गया और वे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

मिशन की मूल योजना के अनुसार स्टारशिप को करीब छह बार पृथ्वी की परिक्रमा करनी थी और लगभग 10 घंटे की उड़ान के बाद चिली के पश्चिम में प्रशांत महासागर में उतरना था। हालांकि, इंजन संबंधी समस्या के बाद मिशन को करीब तीन घंटे में ही समाप्त कर दिया गया।

इस मिशन का एक प्रमुख उद्देश्य Starlink V3 उपग्रहों की तैनाती था। स्पेसएक्स के अनुसार, V3 उपग्रह पिछली पीढ़ी के उपग्रहों की तुलना में काफी अधिक क्षमता वाले हैं। प्रत्येक V3 उपग्रह करीब 1 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) तक डाउनलिंक और 160 गीगाबिट प्रति सेकंड (Gbps) तक अपलिंक क्षमता का समर्थन करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह V2 की तुलना में क्रमशः लगभग 10 गुना और 22 गुना अधिक क्षमता है।

कक्षा में पहुंचने के बाद उपग्रह अपने एंटेना और सौर पैनल खोलेंगे तथा ग्राउंड स्टेशनों और Starlink नेटवर्क के साथ संचार स्थापित करेंगे। इसके बाद ऑनबोर्ड थ्रस्टर्स की मदद से वे धीरे-धीरे अपनी परिचालन कक्षा तक पहुंचेंगे।

V3 उपग्रहों में नई पीढ़ी की बीमफॉर्मिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसका उद्देश्य अलग-अलग बीम के बीच डेटा ट्रैफिक को अधिक कुशलता से संचालित करना और नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना है। इससे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरदराज के इलाकों में भी नेटवर्क क्षमता को मांग के अनुसार समायोजित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

स्टारशिप की पहली सफल ऑर्बिटल उड़ान स्पेसएक्स के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी इस वाहन को भविष्य में बड़े पैमाने पर उपग्रह प्रक्षेपण के साथ-साथ चंद्रमा और मंगल अभियानों के लिए इस्तेमाल करने की योजना पर काम कर रही है।