सरकार ने अधिसूचित किए CAFE-3 नियम, छोटी पेट्रोल कारों की अलग छूट खत्मBy IANS Wed, 30 September 2026 02:48 PM

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केंद्र सरकार ने वाहन निर्माताओं के लिए कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी (CAFE-3) के नए नियम अधिसूचित कर दिए हैं। नए नियमों में छोटी पेट्रोल कारों के लिए अलग से प्रस्तावित रियायत को हटा दिया गया है, जबकि इलेक्ट्रिक और अन्य स्वच्छ तकनीक वाले वाहनों के लिए प्रोत्साहन बरकरार रखा गया है।

ऊर्जा मंत्रालय द्वारा अधिसूचित CAFE-3 मानदंड अप्रैल 2027 से लागू होंगे और मार्च 2032 तक प्रभावी रहेंगे।

पिछले साल प्रस्तावित मसौदे में 909 किलोग्राम तक वजन वाली पेट्रोल कारों के लिए प्रति किलोमीटर 3 ग्राम CO2 की अतिरिक्त छूट का प्रावधान किया गया था। हालांकि, कई प्रमुख वाहन निर्माताओं ने इस रियायत का विरोध किया था। अंतिम नियमों में 909 किलोग्राम से कम वजन वाली कारों के लिए कोई अलग छूट नहीं रखी गई है।

इसके बजाय सरकार ने वाहन निर्माता के पूरे बेड़े के औसत कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य की गणना करने वाले फॉर्मूले में बदलाव किया है। सितंबर 2025 के मसौदे में संदर्भ वाहन का वजन 1,170 किलोग्राम था, जिसे अंतिम नियमों में बढ़ाकर 1,229 किलोग्राम कर दिया गया है। साथ ही, सालाना वजन समायोजन की दर भी कम की गई है।

इन बदलावों का असर हल्के और भारी वाहनों के बेड़े पर अलग-अलग पड़ेगा। नए फॉर्मूले से हल्के वाहनों वाले बेड़े को अपेक्षाकृत अधिक राहत मिलेगी, जबकि भारी वाहनों के लिए उत्सर्जन लक्ष्य अधिक कड़े होंगे।

मिसाल के तौर पर, 909 किलोग्राम वजन वाली कार के लिए वित्त वर्ष 2027-28 में अंतिम नियमों के तहत CO2 उत्सर्जन लक्ष्य करीब 82.8 ग्राम प्रति किलोमीटर होगा। सितंबर 2025 के मसौदे में यह लक्ष्य करीब 76 ग्राम प्रति किलोमीटर था।

वहीं, 2,500 किलोग्राम वजन वाले वाहन के लिए अंतिम फॉर्मूले के तहत लक्ष्य करीब 142.4 ग्राम CO2 प्रति किलोमीटर है, जबकि पुराने मसौदे में यह करीब 151.4 ग्राम था।

CAFE-3 नियमों में स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सुपर-क्रेडिट व्यवस्था भी बरकरार रखी गई है। इसके तहत एक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन को निर्माता के बेड़े के प्रदर्शन की गणना में तीन वाहनों के बराबर माना जाएगा।

रेंज-एक्सटेंडेड इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भी 3 गुना क्रेडिट लागू होगा। प्लग-इन हाइब्रिड और फ्लेक्स-फ्यूल पर चलने वाले स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों को 2.5 गुना, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों को 1.6 गुना और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को 1.1 गुना फैक्टर मिलेगा।

नए नियमों में क्रेडिट-डेबिट प्रणाली भी लागू की गई है। निर्धारित उत्सर्जन लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन करने वाले वाहन निर्माता क्रेडिट अर्जित करेंगे, जबकि लक्ष्य से अधिक उत्सर्जन वाले निर्माता डेबिट जमा करेंगे।

CAFE मानदंडों का उद्देश्य वाहन उद्योग के औसत ईंधन दक्षता और कार्बन उत्सर्जन में सुधार करना है। नए CAFE-3 नियमों के साथ सरकार ने एक ओर वाहन निर्माताओं के लिए उत्सर्जन लक्ष्य की गणना का तरीका बदला है, वहीं दूसरी ओर इलेक्ट्रिक और कम-उत्सर्जन वाली तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन जारी रखा है।