
ब्रसेल्स: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड से जुड़े अमेरिकी टैरिफ खतरों से ट्रांस-अटलांटिक संबंध कमजोर हो सकते हैं और इससे एक “खतरनाक नकारात्मक चक्र” शुरू होने का जोखिम है।
दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा, “टैरिफ ट्रांस-अटलांटिक संबंधों को नुकसान पहुंचाएंगे और एक खतरनाक गिरावट की ओर ले जा सकते हैं।”
वॉन डेर लेयेन और कोस्टा ने कहा कि क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांत हैं, जो न केवल यूरोप बल्कि पूरी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूरोप अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए “एकजुट, समन्वित और प्रतिबद्ध” बना रहेगा।
यह प्रतिक्रिया उस बयान के बाद आई है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वॉशिंगटन 1 फरवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स और फिनलैंड से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड खरीदने को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ, तो जून की शुरुआत से यह टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा।
नॉर्डिक देशों के नेता इस मुद्दे पर सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वालों में शामिल रहे और उन्होंने जोर दिया कि सहयोगी देशों के बीच मतभेदों को दबाव के बजाय संवाद के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।
डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने टैरिफ धमकी पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि डेनमार्क इस मामले में यूरोपीय आयोग के साथ लगातार संपर्क में है।
गौरतलब है कि ग्रीनलैंड, दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप, डेनमार्क साम्राज्य के अंतर्गत एक स्वायत्त क्षेत्र है, जहां रक्षा और विदेश नीति पर कोपेनहेगन का नियंत्रण है। द्वीप पर अमेरिका का एक सैन्य अड्डा भी मौजूद है।
2025 में दोबारा सत्ता में लौटने के बाद से राष्ट्रपति ट्रंप कई बार ग्रीनलैंड को “हासिल करने” की इच्छा जता चुके हैं।
With inputs from IANS