बातचीत विफल होने पर ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर इज़राइली हमलों का समर्थन कर सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप: रिपोर्टBy Admin Mon, 16 February 2026 11:31 AM

वॉशिंगटन डी.सी. — अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता विफल होती है, तो वह ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर इज़राइल द्वारा संभावित सैन्य हमलों का समर्थन कर सकते हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने यह टिप्पणी दिसंबर में बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मार-ए-लागो में हुई बैठक के दौरान की थी। यह जानकारी CBS News की रिपोर्ट में मामले से जुड़े दो सूत्रों के हवाले से दी गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सैन्य और खुफिया अधिकारियों ने इस बात पर भी चर्चा की है कि संभावित सैन्य अभियान के दौरान अमेरिका किस प्रकार इज़राइल की सहायता कर सकता है। इसमें इज़राइली विमानों को हवाई ईंधन उपलब्ध कराना और क्षेत्रीय देशों से हवाई क्षेत्र के उपयोग की अनुमति दिलाने जैसे विकल्प शामिल हैं।

हालांकि जॉर्डन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग ईरान पर किसी भी हमले के लिए नहीं होने देंगे और न ही ईरान को अन्य देशों पर हमले के लिए इसकी अनुमति देंगे।

इसी बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्लोवाकिया की यात्रा के दौरान कहा कि वह ईरान के साथ तनाव को कूटनीतिक माध्यम से सुलझाने को प्राथमिकता देते हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता का दूसरा दौर मंगलवार को जिनेवा में होने की संभावना है। रुबियो ने पुष्टि की कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर करेंगे।

यह बैठक 6 फरवरी को मस्कट में हुई पहली वार्ता के बाद हो रही है, जिसे दोनों पक्षों ने सकारात्मक शुरुआत बताया था, हालांकि कोई ठोस समझौता नहीं हो सका था।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची भी वार्ता के दूसरे दौर के लिए जिनेवा रवाना हुए हैं। वह एक विशेष कूटनीतिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

बताया गया है कि अराघची जिनेवा में स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्री इग्नाजियो कासिस, ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बद्र बिन हमद अल बुसैदी और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रोसी सहित कई अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

 

WIth inputs from IANS