
वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के अधिकारी जब जिनेवा में वार्ता की तैयारी कर रहे हैं, तो वह इन बातचीत में “अप्रत्यक्ष रूप से शामिल” रहेंगे। उन्होंने समझौते की उम्मीद जताई, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर कूटनीतिक प्रयास असफल रहे तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “आमतौर पर ईरान बेहद कठिन वार्ताकार होता है। मुझे उम्मीद है कि वे अधिक व्यवहारिक रुख अपनाएंगे। वे समझौता करना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे नहीं लगता कि वे समझौता न करने के परिणाम झेलना चाहेंगे।”
ये बयान उस समय आया है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय तनाव को लेकर एक और दौर की बातचीत होने जा रही है। ट्रंप ने हाल की अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का भी जिक्र करते हुए दावा किया कि यदि कार्रवाई नहीं होती तो ईरान एक महीने के भीतर परमाणु हथियार हासिल कर सकता था।
घरेलू मुद्दों पर ट्रंप ने अर्थव्यवस्था को मजबूत बताते हुए कहा कि महंगाई कम है और पेट्रोल की कीमतें कई जगह दो डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे पहुंच गई हैं। उन्होंने पिछली सरकार पर आर्थिक अव्यवस्था छोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने देश को फिर मजबूत बनाया है।
ट्रंप ने अपराध दर में रिकॉर्ड गिरावट का भी दावा किया और इसे कड़ी सीमा सुरक्षा नीति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों को उनके देशों में वापस भेजा गया है, जिनमें कई अपराधी भी शामिल थे।
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के लिए फंडिंग पर ट्रंप ने कहा कि वह इस सप्ताह डेमोक्रेट नेताओं से बातचीत करेंगे, लेकिन संभावित सरकारी शटडाउन के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
मतदाता पहचान कानूनों पर ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि वे मतदाता पहचान और नागरिकता प्रमाण को लागू नहीं करना चाहते।
जेफ्री एपस्टीन मामले पर ट्रंप ने कहा कि उनका उससे कोई संबंध नहीं है और उन्हें पहले ही आरोपों से मुक्त किया जा चुका है।
क्यूबा के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा कि क्यूबा के साथ बातचीत जारी है और मार्को रुबियो इस प्रक्रिया में शामिल हैं। उन्होंने क्यूबा को मानवीय संकट से जूझ रहा देश बताया।
चीन और ताइवान से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने कहा कि उनकी शी जिनपिंग के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है और जल्द ही ताइवान को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के एक प्रस्तावित प्रयास को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस पहल पर संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
उन्होंने प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की भी सराहना करते हुए कहा कि वह महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं और उन्हें इतिहास की बेहतरीन प्रथम महिलाओं में गिना जाएगा।
जिनेवा वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। इससे पहले भी कई दौर की वार्ताएं अस्थायी समझौतों के साथ खत्म हुईं, लेकिन प्रतिबंधों और सैन्य तनाव के कारण कई बार बातचीत टूट भी चुकी है।
With inputs from IANS