सैन्य आक्रामकता होने पर ‘निर्णायक’ जवाब देगा ईरान: संयुक्त राष्ट्र में चेतावनीBy Admin Fri, 20 February 2026 11:23 AM

संयुक्त राष्ट्र। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उस पर कोई सैन्य आक्रामकता की जाती है तो वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अपने आत्मरक्षा के अधिकार का प्रयोग करते हुए “निर्णायक और अनुपातिक” जवाब देगा। यह बात संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत Amir Saeid Iravani ने महासचिव और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कही।

राजदूत ने अपने पत्र में Donald Trump की डिएगो गार्सिया पर हालिया टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में क्षेत्र में मौजूद “शत्रुतापूर्ण बलों” के सभी सैन्य अड्डे, सुविधाएं और संसाधन ईरान की रक्षात्मक कार्रवाई के तहत वैध लक्ष्य माने जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अप्रत्याशित और अनियंत्रित परिणाम की पूरी और प्रत्यक्ष जिम्मेदारी अमेरिका की होगी।

ट्रंप ने बुधवार को हिंद महासागर के चागोस द्वीपसमूह में स्थित अहम अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य अड्डे Diego Garcia के ब्रिटेन द्वारा पट्टे को “बड़ी गलती” बताया था। उन्होंने कहा था कि यदि ईरान के साथ परमाणु वार्ता विफल रहती है तो अमेरिका को डिएगो गार्सिया का उपयोग करना पड़ सकता है। मई 2025 में घोषित समझौते के तहत ब्रिटेन ने चागोस द्वीपों की संप्रभुता मॉरीशस को हस्तांतरित करने पर सहमति जताई थी, जबकि डिएगो गार्सिया को 99 वर्षों के लिए पट्टे पर बनाए रखने का प्रावधान किया गया।

पत्र में कहा गया कि क्षेत्र में अमेरिका द्वारा सैन्य उपकरणों और संसाधनों की निरंतर आवाजाही और तैनाती के मद्देनजर इस प्रकार के आक्रामक बयान को महज बयानबाजी नहीं माना जा सकता, बल्कि यह संभावित सैन्य कार्रवाई के वास्तविक खतरे का संकेत है।

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासचिव से बिना देरी हस्तक्षेप करने की अपील की। पत्र में कहा गया कि बल प्रयोग की धमकियों और आक्रामक कार्रवाइयों को सामान्य या वैध कूटनीतिक साधन के रूप में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

साथ ही ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में “परस्पर स्वीकार्य और परिणामोन्मुख समाधान” के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पत्र में कहा गया कि यदि अमेरिका गंभीरता और ईमानदारी से वार्ता में भाग ले तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों का सम्मान करे, तो एक टिकाऊ और संतुलित समझौता संभव है।

 

With inputs from IANS