ईरान युद्ध के बाद NATO पर पुनर्विचार कर सकता है अमेरिकाBy Admin Wed, 01 April 2026 06:30 PM

वॉशिंगटन — ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के रिश्तों में तनाव बढ़ता दिख रहा है। Donald Trump प्रशासन अब NATO से अपने संबंधों पर दोबारा विचार कर सकता है, यहां तक कि इससे बाहर निकलने की संभावना भी जताई जा रही है।

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने संकेत दिया कि अगर सहयोगी देश अमेरिकी सैन्य अभियानों में सहयोग नहीं करते, तो इस गठबंधन की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि NATO का रिश्ता “वन-वे स्ट्रीट” नहीं होना चाहिए, जहां अमेरिका सिर्फ सुरक्षा दे और बदले में सहयोग न मिले।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के खिलाफ अभियान के दौरान कुछ यूरोपीय देशों ने अमेरिकी बलों को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी, जिससे वॉशिंगटन में नाराज़गी बढ़ी है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मुद्दे पर और सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वह NATO से बाहर निकलने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने इस गठबंधन को “पेपर टाइगर” तक बताया और कहा कि यह फैसला अब “पुनर्विचार से भी आगे” जा चुका है।

इसके अलावा, अमेरिका ने यूरोपीय देशों की आलोचना की है कि उन्होंने Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सहयोग नहीं दिया। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने NATO का समर्थन करते हुए इसे दुनिया का सबसे प्रभावी सैन्य गठबंधन बताया और साफ किया कि ब्रिटेन ईरान संघर्ष में शामिल नहीं होगा।

1949 में स्थापित NATO लंबे समय से अमेरिका और यूरोप के बीच सुरक्षा सहयोग की रीढ़ रहा है। इसका Article 5 सदस्य देशों की सामूहिक सुरक्षा की गारंटी देता है, लेकिन यह प्रावधान केवल सदस्य देशों पर हमले की स्थिति में लागू होता है, बाहरी युद्धों पर नहीं।

ताज़ा घटनाक्रम से यह साफ है कि ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों में दरार गहराती जा रही है, और आने वाले समय में NATO की भूमिका और संरचना पर बड़ा असर पड़ सकता है।
 

 

With inputs from IANS