पाकिस्तान की दोहरी नीति पर उठे सवाल, लश्कर कमांडर की हत्या और ISI अधिकारी के पास मिले ISIS से जुड़े दस्तावेजBy Admin Tue, 12 May 2026 01:28 PM

नई दिल्ली: पाकिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा लगातार की जा रही हत्याओं ने एक बार फिर वहां की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन Lashkar-e-Taiba को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालिया घटनाओं में लश्कर के एक वरिष्ठ कमांडर और ISI से जुड़े एक अधिकारी की हत्या कर दी गई।

मारे गए लोगों की पहचान मीर शुकर खान रईसानी और मोहम्मद इकबाल के रूप में हुई है। रईसानी लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा कमांडर था और बलूचिस्तान के Quetta में उसकी हत्या की गई। बताया जा रहा है कि वह बलूचिस्तान में संगठन की गतिविधियों को संभाल रहा था। इससे पहले वह जम्मू-कश्मीर के लिए भर्ती और प्रशिक्षण से जुड़ा रहा था।

वहीं दूसरी घटना, जिसे भारतीय एजेंसियां बेहद गंभीरता से देख रही हैं, वह मोहम्मद इकबाल की हत्या है। इकबाल की हत्या खैबर पख्तूनख्वा के ओरकजई जिले में अज्ञात बंदूकधारियों ने की। जांच में सामने आया कि वह इस्लामिक स्टेट से जुड़े नेटवर्क में सक्रिय था और उसके पास से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, दस्तावेजों से संकेत मिले हैं कि इकबाल समेत ISI के कुछ अधिकारी सीधे तौर पर Islamic State से जुड़े थे। पाकिस्तान लंबे समय से इस्लामिक स्टेट से किसी भी संबंध से इनकार करता रहा है, लेकिन बरामद दस्तावेजों ने उसके दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खुफिया सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान हाल के वर्षों में इस्लामिक स्टेट को इसलिए बढ़ावा दे रहा है ताकि वह अफगान तालिबान पर दबाव बना सके। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान सुरक्षा बलों पर बढ़ते दबाव और Tehreek-e-Taliban Pakistan तथा Balochistan Liberation Army की गतिविधियों के बीच ISI ने इस्लामिक स्टेट के साथ समझौता किया।

सूत्रों का दावा है कि खैबर पख्तूनख्वा में ISI इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों को प्रशिक्षण भी दे रही थी। इनमें कुछ लड़ाकों को पाकिस्तान के भीतर सक्रिय रखने और कुछ को अफगानिस्तान भेजने की योजना थी।

अफगान तालिबान पहले भी पाकिस्तान पर ऐसे आतंकी संगठनों को संरक्षण देने का आरोप लगाता रहा है जो अफगानिस्तान के लिए खतरा बन सकते हैं। हालांकि इस्लामाबाद इन आरोपों से लगातार इनकार करता आया है।

अधिकारियों का कहना है कि हाल के महीनों में अज्ञात हमलावरों द्वारा की जा रही हत्याएं पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। इन घटनाओं से न सिर्फ आतंकी संगठनों से उसके कथित संबंध उजागर हो रहे हैं, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के लिए दोबारा खुद को संगठित करना भी मुश्किल होता जा रहा है।

 

With inputs from IANS