नीदरलैंड दौरे पर प्रेस स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के सवालों का भारत ने दिया कड़ा जवाबBy Admin Sun, 17 May 2026 04:43 PM

द हेग। Narendra Modi के नीदरलैंड दौरे के दौरान प्रेस स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर उठे सवालों पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय में पश्चिम मामलों के सचिव Sibi George ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों और सांस्कृतिक विविधता का मजबूती से बचाव किया।

यह मामला तब सामने आया जब एक डच पत्रकार ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी और नीदरलैंड नेतृत्व ने संयुक्त प्रेस वार्ता क्यों नहीं की। साथ ही पत्रकार ने भारत में प्रेस की स्वतंत्रता और खासकर मुस्लिम अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर चिंता जताई।

इन सवालों का जवाब देते हुए सिबी जॉर्ज ने कहा कि इस तरह के प्रश्न अक्सर भारत के इतिहास, समाज और विविधता की सही समझ न होने की वजह से पूछे जाते हैं।

उन्होंने कहा, “ऐसे सवाल मूल रूप से भारत को ठीक से न समझ पाने की वजह से उठते हैं। भारत 1.4 अरब लोगों का देश है, दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश। यह 5000 साल पुरानी सभ्यता वाला विविधताओं से भरा राष्ट्र है।”

भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के चार प्रमुख धर्मों — Hinduism, Buddhism, Jainism और Sikhism — की उत्पत्ति भारत में हुई और ये सभी आज भी यहां फल-फूल रहे हैं।

सिबी जॉर्ज ने कहा, “भारत जैसा खूबसूरत देश दुनिया में दूसरा नहीं है। यहां हर धर्म और समुदाय को आगे बढ़ने का अवसर मिला है।”

उन्होंने यह भी कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जहां यहूदी समुदाय को कभी उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा।

ईसाई और इस्लाम धर्म के इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “ईसाई धर्म यूरोप पहुंचने से बहुत पहले भारत आया था और यहां फलता-फूलता रहा। आज भारत में तीन करोड़ से अधिक ईसाई हैं। इसी तरह इस्लाम भी पैगंबर मोहम्मद के समय में भारत पहुंचा और यहां विकसित हुआ।”

उन्होंने कहा कि इतिहास में जब भी दुनिया के किसी हिस्से में धार्मिक उत्पीड़न हुआ, कई समुदायों ने भारत में शरण ली और यहां सुरक्षित जीवन जिया।

भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का बचाव करते हुए सिबी जॉर्ज ने कहा कि देश में शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की आजादी संविधान के तहत सुरक्षित हैं।

उन्होंने कहा, “भारत एक जीवंत लोकतंत्र है। यहां प्रेस की स्वतंत्रता है, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और इसी वजह से हमारा लोकतंत्र काफी मुखर और सक्रिय दिखाई देता है। हमें इस पर गर्व है।”

हाल में हुए विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कई राज्यों में मतदान प्रतिशत 90 फीसदी से भी अधिक रहा, जो लोकतंत्र में जनता के भरोसे को दिखाता है।

सिबी जॉर्ज ने यह भी कहा कि आजादी के समय भारत में अल्पसंख्यकों की आबादी करीब 11 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 20 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।

उन्होंने कहा, “दुनिया में ऐसे बहुत कम देश मिलेंगे जहां अल्पसंख्यकों की आबादी लगातार बढ़ी हो। यही भारत की खूबसूरती है।”

भारत की भाषाई विविधता का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि देश में 22 आधिकारिक भाषाएं हैं और सभी भाषाएं लगातार विकसित हो रही हैं।

अंत में उन्होंने पत्रकारों और दुनिया भर के लोगों को भारत आकर देश की वास्तविक तस्वीर देखने का निमंत्रण दिया।

 

With inputs from IANS