
नई दिल्ली: पुलवामा आतंकी हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल Hamza Burhan उर्फ अरजुमंद गुलजार डार की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना मुजफ्फराबाद में हुई, जहां हमलावरों ने उस पर कई गोलियां चलाईं। बताया जा रहा है कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
भारत सरकार ने वर्ष 2022 में उसे आतंकवादी घोषित करते हुए कहा था कि अरजुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर पुलवामा जिले के खारबतपोरा, रत्नीपोरा का निवासी था और प्रतिबंधित आतंकी संगठन Al Badr से जुड़ा हुआ था।
हमजा वर्ष 2017 में उच्च शिक्षा के बहाने पाकिस्तान गया था, लेकिन वहां जाकर उसने आतंकी संगठन अल बद्र जॉइन कर लिया और जल्द ही कमांडर बन गया। बाद में वह कश्मीर लौटा और खासकर दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ और आतंकवाद की ओर धकेलने में सक्रिय रहा। उसने पुलवामा से लेकर शोपियां तक अपना नेटवर्क फैलाया था।
14 फरवरी 2019 को हुए Pulwama attack में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया गया था। आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को काफिले की बस से टकरा दिया था, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी Jaish-e-Mohammed ने ली थी, जबकि हमलावर की पहचान आदिल अहमद डार के रूप में हुई थी।
इस हमले के बाद भारत ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर एयरस्ट्राइक की थी।
हमजा बुरहान की हत्या पाकिस्तान में हाल के वर्षों में अज्ञात हमलावरों द्वारा मारे गए आतंकियों की लंबी सूची में जुड़ गई है। इसी महीने Lashkar-e-Taiba के आतंकी फरमान अली को मुरीदके में मार गिराया गया था। अप्रैल में लश्कर कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की खैबर पख्तूनख्वा में हत्या कर दी गई थी। वहीं लश्कर के सह-संस्थापक Amir Hamza पर लाहौर में हमला हुआ था, हालांकि वह बच गया था।
जनवरी में पहलगाम आतंकी हमले के कथित हैंडलर पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल इमरान दयाल को डेरा इस्माइल खान में गोली मार दी गई थी। वहीं अक्टूबर 2025 में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मुश्ताक उर्फ गाजी बाबा को पेशावर के पास अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया था।
पिछले दो वर्षों में पाकिस्तान में आतंकियों और उनके शीर्ष कमांडरों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं में तेजी आई है। इससे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को अपने नेटवर्क को दोबारा मजबूत करने में कठिनाई हो रही है।
With inputs from IANS